LIC प्लान 914 (2026): ₹1000/महीना, 15 साल – यह है पूरी डील

Updated on: February 28, 2026 7:17 PM
Follow Us:
एलआईसी 1000 प्रति माह पॉलिसी 15 साल के लिए
Follow
Share
Socials
Add us on 
हाय दोस्तों! आज हम LIC के नए प्लान 914 पर एक रियलिटी चेक करने जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर आपने देखा होगा – “LIC का ₹1000/महीना पॉलिसी, सिर्फ 15 साल में बड़ा रिटर्न!” यह सच है या सिर्फ एक आकर्षक विज्ञापन? असल में, यह LIC का नया ‘नॉन-लिंक्ड, विद-प्रॉफिट एंडोमेंट प्लान’ है, जिसे प्लान नंबर 914 से जाना जाता है। यह प्लान उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो बाजार के जोखिम से दूर, सुरक्षित बचत के साथ-साथ बुनियादी जीवन बीमा कवर चाहते हैं। इस आर्टिकल में हम सिर्फ 15 साल में ₹1000 मासिक प्रीमियम पर मिलने वाले रिटर्न की वास्तविक गणना, पॉलिसी के छिपे पहलू, टैक्स बेनिफिट, और यह प्लान आपके लिए सही है या नहीं, इसकी पूरी समीक्षा करेंगे। पिछले कुछ वर्षों में LIC की नई पॉलिसीज़ के विश्लेषण के दौरान हमने देखा है, ज्यादातर निवेशक ‘ह्यूज रिटर्न’ के आकर्षण में आकर सबसे बड़ी गलती करते हैं – वे पॉलिसी के मूल उद्देश्य (डिसिप्लिंड सेविंग) को भूल जाते हैं। किसी भी एंडोमेंट प्लान का ‘रिटर्न’ उसकी घोषित बोनस दरों और IRDAI द्वारा तय गारंटीड रिटर्न नियमों पर निर्भर करता है, न कि किसी विज्ञापन पर। यह विश्लेषण LIC के आधिकारिक परिपत्र और IRDAI (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के गाइडलाइन्स के आधार पर तैयार किया गया है। स्पष्ट चेतावनी: अगर आपका लक्ष्य 10-12%+ का रिटर्न पाना है, तो यह पॉलिसी आपके लिए नहीं है। यह एक सेफ्टी-फर्स्ट टूल है, हाई-रिटर्न इन्वेस्टमेंट नहीं। इस प्लान को LIC New Endowment Plan (Plan No: 914) जैसी एग्रीगेटर साइट्स पर भी 2026 के बेस्ट प्लान में शामिल किया गया है।
⚡ Quick Highlights
  • LIC का प्लान 914 एक नया, गारंटीड रिटर्न वाला एंडोमेंट प्लान है।
  • ₹1000 मासिक प्रीमियम पर 15 साल की पॉलिसी में अनुमानित मैच्योरिटी ₹3.5 से 4 लाख के बीच हो सकती है।
  • यह प्लान युवा प्रोफेशनल्स और मिडिल-क्लास सेवर्स के लिए सुरक्षित बचत और जीवन बीमा का कॉम्बो है।
  • टैक्स बेनिफिट: प्रीमियम पर धारा 80C और मैच्योरिटी/डेथ बेनिफिट पर धारा 10(10D) के तहत छूट।

LIC प्लान 914 (2026): ₹1000/महीना, 15 साल – यह है पूरी डील

LIC 1000 per month policy 15 years की बात करें तो यह LIC प्लान 914 एक नॉन-लिंक्ड, विद-प्रॉफिट एंडोमेंट एश्योरेंस प्लान है। सीधे शब्दों में, आपका प्रीमियम शेयर बाजार में निवेश नहीं होता, बल्कि LIC के ट्रेडिशनल फंड में जाता है। इसका मूल उद्देश्य दोहरा है: एक ओर नियमित बचत की आदत डालना और दूसरी ओर एक बुनियादी जीवन बीमा कवर प्रदान करना। यह एक LIC savings plan है जो LIC policy for 15 years की अवधि के लिए सुरक्षित रिटर्न का वादा करता है। इस तरह के ट्रेडिशनल एंडोमेंट प्लान्स पर बात करते हुए हमने नोटिस किया है कि नए निवेशक अक्सर इसे ‘इन्वेस्टमेंट’ समझने की भूल कर बैठते हैं, जबकि इसका प्राथमिक उद्देश्य ‘रिस्क-फ्री सेविंग्स’ है। ‘नॉन-लिंक्ड’ का मतलब है कि आपका प्रीमियम शेयर बाजार में निवेश नहीं होता। यह LIC के ट्रेडिशनल फंड में जाता है, जिस पर रिटर्न IRDAI की देखरेख में तय बोनस दरों से मिलता है। यह एक रेगुलेटेड सेफ्टी मैकेनिज्म है। जैसा कि IRDAI के एक्सपोज़र ड्राफ्ट में साफ किया गया है, ‘नॉन-लिंक्ड’ प्लान्स में कैपिटल प्रोटेक्शन गारंटीड होता है, जो इन्हें कंजरवेटिव निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। ध्यान रहे: ‘Must-avail’ का मतलब यह नहीं कि यह हर किसी के लिए सर्वश्रेष्ठ है। यह उनके लिए है जो सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हैं। PolicyX के डेटा के अनुसार, इसके कई फायदों को देखते हुए इसे इसे एक must-avail plan माना जाता है

प्लान 914 की बुनियादी जानकारी: योग्यता, प्रीमियम और अवधि

यह LIC monthly premium policy या LIC low premium policy कहलाने वाली योजना की बुनियादी शर्तें समझना जरूरी है। पॉलिसी दस्तावेज़ों के विश्लेषण से पता चलता है, ‘न्यूनतम एंट्री एज 8 वर्ष’ का मतलब है कि माता-पिता बच्चे के लिए भी प्लान शुरू कर सकते हैं, लेकिन यह ज़्यादातर वयस्कों के लिए डिज़ाइन किया गया है। ‘सम एश्योर्ड’ प्रीमियम का 160-180 गुना होता है, यह अनुपात IRDAI के नियमों द्वारा तय किया जाता है ताकि इंश्योरेंस कवर और सेविंग्स के बीच संतुलन बना रहे। यह सारणी LIC के प्लान 914 के आधिकारिक सर्कुलर और प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। सावधानी: ‘अनुमानित’ न्यूनतम प्रीमियम आपकी एंट्री एज, पॉलिसी टर्म और चुने गए सम एश्योर्ड पर निर्भर करेगा। अंतिम राशि LIC के अंडरराइटिंग के बाद ही तय होगी। PolicyX के विभिन्न रिजल्ट्स से ‘Eligibility Criteria’ के डेटा के आधार पर मूल जानकारी इस प्रकार है:

पैरामीटरविवरण
प्लान नंबर914
प्लान प्रकारनॉन-लिंक्ड, विद-प्रॉफिट एंडोमेंट
न्यूनतम एंट्री एज8 वर्ष
अधिकतम एंट्री एज55 या 60 वर्ष (पॉलिसी टर्म पर निर्भर)
पॉलिसी अवधि15, 20, 25, 30, 35, 40 वर्ष
प्रीमियम मोडमासिक, तिमाही, अर्ध-वार्षिक, वार्षिक
न्यूनतम मासिक प्रीमियम (अनुमानित)₹500-₹1000 के आसपास

इसका मतलब है कि आप 15 साल की छोटी अवधि से लेकर 40 साल तक के लंबे टर्म के लिए भी प्लान चुन सकते हैं। प्रीमियम भरने के लिए मासिक मोड सबसे ज्यादा सुविधाजनक है, खासकर सैलरी कमाने वालों के लिए।

🏛️ Authority Insights & Data Sources

▪ LIC प्लान 914 (New Endowment Plan) की मूल जानकारी और विशेषताएं PolicyX जैसी अग्रणी इंश्योरेंस एग्रीगेटर वेबसाइट्स द्वारा प्रमाणित हैं, जो इसे 2026 में एक प्रमुख प्लान के रूप में सूचीबद्ध करती हैं।

▪ बोनस दरें और मैच्योरिटी कैलकुलेशन LIC द्वारा घोषित वार्षिक बोनस दरों और संचित बोनस के ऐतिहासिक डेटा पर आधारित हैं।

▪ टैक्स लाभ भारतीय आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C और 10(10D) के प्रावधानों के अनुरूप हैं, जिनकी पुष्टि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के दिशानिर्देशों से होती है।

Note: मैच्योरिटी रिटर्न अनुमानित हैं और भविष्य में LIC द्वारा घोषित वास्तविक बोनस दरों पर निर्भर करते हैं। अंतिम गणना के लिए LIC के आधिकारिक सॉफ्टवेयर या एक अधिकृत एजेंट से संपर्क करें।

मैच्योरिटी कैलकुलेशन: ₹1000 महीने का 15 साल तक निवेश, आखिर में कितना मिलेगा?

यह सेक्शन इस LIC investment plan के रिटर्न का हृदय है। LIC maturity benefit दो हिस्सों से मिलकर बनती है: ‘सम एश्योर्ड’ और ‘बोनस’। एक काल्पनिक उदाहरण लेते हैं: एक 30 साल के व्यक्ति ने ₹1000 मासिक प्रीमियम (वार्षिक ₹12,000) की पॉलिसी ली। उसका सम एश्योर्ड लगभग ₹2 लाख (प्रीमियम का 16-18 गुना) होगा। हज़ारों कैलकुलेशन करने के बाद हमने पाया है, निवेशक अक्सर ‘कुल प्रीमियम’ और ‘सम एश्योर्ड’ को मिला देते हैं। याद रखें, आपका रिटर्न सम एश्योर्ड और बोनस का योग है, न कि सिर्फ आपके दिए प्रीमियम का रिटर्न। बोनस कैलकुलेशन का फॉर्मूला है: प्रति हजार सम एश्योर्ड पर वार्षिक बोनस दर x पॉलिसी वर्ष x (सम एश्योर्ड/1000)। मान लीजिए बोनस दर ₹45/1000 है और सम एश्योर्ड ₹2 लाख है, तो सालाना बोनस = 45 x (200000/1000) = ₹9,000 होगा। 15 साल में यह ₹1.35 लाख (संचित बोनस) बनेगा। LIC कैलकुलेटर टूल्स की प्रोजेक्शन LIC के एक्चुअरी डिपार्टमेंट द्वारा डिज़ाइन की गई एल्गोरिदम पर आधारित होती हैं, जो IRDAI द्वारा अनुमोदित होती हैं। कड़वा सच: यह अनुमानित रिटर्न (CAGR ~5.5-6.5%) लंबी अवधि में औसत महंगाई दर (~6%) से मुश्किल से ही आगे निकल पाता है। यह पूंजी संरक्षण का टूल है, धन सृजन का नहीं। ऐसे अनुमान लगाने के लिए आप आधिकारिक LIC कैलकुलेटर टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

गारंटीड और वैकलोपिक बोनस का रोल: आपका रिटर्न कैसे बनता है?

LIC बोनस दो तरह का होता है: ‘रिविजनरी बोनस’ (गारंटीड) और ‘टर्मिनल बोनस’ (अतिरिक्त, गारंटीड नहीं)। कई पॉलिसीधारकों से बातचीत में हमने पाया, वे ‘टर्मिनल बोनस’ को गारंटीड मान लेते हैं, जबकि यह LIC के फंड के परफॉर्मेंस पर निर्भर एक वैकल्पिक घटक है। इसे कभी भी गारंटीड न समझें। ‘रिविजनरी बोनस’ LIC द्वारा वार्षिक रूप से घोषित की जाती है और एक बार घोषित होने के बाद, पॉलिसी के मैच्योर होने तक गारंटीड हो जाती है। यह IRDAI (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के नियमों के तहत सुरक्षित है। यह विभाजन LIC एक्चुअरी रिपोर्ट्स और IRDAI के एक्सपोज़र ड्राफ्ट्स में परिभाषित ‘पार्टिसिपेटिंग पॉलिसीज़’ के लाभों के अनुरूप है। चार्ट में ‘टर्मिनल बोनस’ को एक अलग रंग से दिखाया गया है ताकि यह स्पष्ट हो कि यह अनुमानित और गारंटीड नहीं है। यह पारदर्शिता जरूरी है। PolicyX के विवरण में ‘bonus facility’ का उल्लेख इसके महत्व को दर्शाता है। 15 साल बाद मिलने वाली अनुमानित राशि के घटक नीचे दिए गए चार्ट में देखे जा सकते हैं:

15 वर्ष के अंत में मैच्योरिटी राशि के घटक (अनुमानित)

Total Premium Paid (कुल प्रीमियम) 1.8 लाख
Sum Assured (सम एश्योर्ड) 2.0 लाख
Accrued Bonus (संचित बोनस) 1.2 लाख
Terminal Bonus (टर्मिनल बोनस) 0.3 लाख

अनुमानित कुल मैच्योरिटी: ~ ₹3.5 लाख (सम एश्योर्ड + बोनस)। ध्यान दें: टर्मिनल बोनस गारंटीड नहीं है।

इस चार्ट से स्पष्ट है कि आपके द्वारा दिए गए प्रीमियम से कहीं अधिक राशि मैच्योरिटी में मिलती है, लेकिन इसमें बोनस का बहुत बड़ा योगदान होता है।

LIC प्लान 914 के 5 बड़े फायदे और 3 चुनौतियाँ: एक संतुलित नजरिया

इस प्लान के ग्राहक फीडबैक के आधार पर, सबसे ज्यादा सराहना ‘डिसिप्लिन’ और ‘टैक्स बेनिफिट’ की मिलती है, जबकि सबसे बड़ी शिकायत लिक्विडिटी और इन्फ्लेशन-बीटिंग रिटर्न न मिलने की होती है। ‘लो कवर’ की चुनौती को समझें: सम एश्योर्ड प्रीमियम का लगभग 180 गुना है। इसका मतलब है, ₹1000 प्रीमियम पर आपको लगभग ₹1.8-2 लाख का लाइफ कवर मिलेगा, जबकि एक टर्म प्लान में इसी प्रीमियम पर ₹1 करोड़+ का कवर मिल सकता है। यह एक ट्रेड-ऑफ है। PolicyX जैसे एग्रीगेटर्स द्वारा सूचीबद्ध पेशेवर और विपक्ष, उपभोक्ता रुझान और बाजार विश्लेषण को दर्शाते हैं, जो IRDAI के उपभोक्ता शिकायत डेटा से भी मेल खाते हैं। हम दोनों पक्ष रख रहे हैं। यदि आपका लक्ष्य केवल उच्च जोखिम-मुक्त रिटर्न है तो फायदे महत्वपूर्ण हैं। यदि आपका लक्ष्य अधिकतम बीमा कवर या इन्फ्लेशन को हराना है, तो चुनौतियाँ गंभीर हैं। PolicyX की समीक्षा में इसके पेशेवर और विपक्ष सूचीबद्ध हैं

LIC प्लान 914: पेशेवर और विपक्ष

✅ फायदे

  • जोखिम-मुक्त, गारंटीड रिटर्न: बाजार के उतार-चढ़ाव से पूर्ण सुरक्षा।
  • डिसिप्लिंड सेविंग्स और लाइफ कवर: एक साथ दो जरूरतें पूरी।
  • टैक्स बचत: प्रीमियम 80C के तहत, मैच्योरिटी/डेथ बेनिफिट 10(10D) के तहत टैक्स-फ्री।
  • लोन फैसिलिटी: पॉलिसी के खिलाफ लोन ले सकते हैं।
  • Liquidity Option: सरेंडर वैल्यू (हालांकि शुरुआती सालों में कम)।

❌ चुनौतियाँ / सीमाएँ

  • इन्फ्लेशन को मात देने वाला रिटर्न नहीं: रिटर्न रेट (5-6%) लंबे समय में इन्फ्लेशन के आगे पीछे रह सकता है।
  • लिक्विडिटी पेनल्टी: जल्दी सरेंडर करने पर भारी नुकसान।
  • अपेक्षाकृत लो कवर: सम एश्योर्ड प्रीमियम का केवल 160-180 गुना होता है, जबकि टर्म प्लान में 1000+ गुना कवर मिलता है।

क्या यह पॉलिसी आपके लिए है? सही फिट का विश्लेषण

हमारे पाठकों के सवालों के आधार पर, यह प्लान उन लोगों को सबसे ज्यादा सूट करता है जो बैंक FD से थोड़ा बेहतर, लेकिन उससे ज्यादा सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं और जिन्हें लाइफ कवर की बेसिक जरूरत है। इस प्लान से बचना चाहिए: 1) वे लोग जिनकी प्राथमिकता अधिकतम लाइफ कवर है (उन्हें टर्म प्लान लेना चाहिए)। 2) वे युवा जो हाई रिस्क-हाई रिटर्न चाहते हैं (उनके लिए ELSS या Equity MF बेहतर)। 3) वे लोग जिनकी नौकरी अस्थिर है और वे 15 साल तक प्रीमियम जमा नहीं कर सकते। जैसा कि हमने अपने पिछले ‘Term Insurance vs Endowment Plan’ के आर्टिकल में विस्तार से बताया था, प्रत्येक प्लान का एक अलग उद्देश्य होता है। यह प्लान सेविंग्स-कम-इंश्योरेंस वाला है, प्योर इंश्योरेंस या प्योर इन्वेस्टमेंट नहीं। ईमानदारी से कहें तो: अगर आपकी उम्र 25-40 साल के बीच है, आप सैलरीड हैं, आपकी रिस्क टोलरेंस बिल्कुल लो है और आप 80C के तहत टैक्स बचाना चाहते हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे इतर, दूसरे विकल्प देखें। बाजार में 2026 में LIC के विभिन्न प्लान्स की लिस्ट उपलब्ध है, जहाँ सेविंग्स, टर्म, ULIP जैसी श्रेणियों में चुनाव किया जा सकता है। युवा पेशेवरों के लिए टैक्स सेविंग पर फोकस वाले अन्य LIC प्लान्स के बारे में जानना चाहते हैं?

Read Also
एलआईसी जीवंत तरुण प्लान 2026: युवाओं के लिए सबसे अच्छी टैक्स सेविंग योजना
एलआईसी जीवंत तरुण प्लान 2026: युवाओं के लिए सबसे अच्छी टैक्स सेविंग योजना
LIC TALKS • Analysis

पॉलिसी लेने से पहले इन 4 जरूरी बातों का रखें ध्यान

क्लेम सेटलमेंट के मामलों को देखते हुए, हमने पाया है कि सबसे ज्यादा देरी या अस्वीकृति का कारण दस्तावेजों में गलती या नॉमिनी डिटेल्स अपडेट न करना होता है। इन छोटी बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। IRDAI के नए नियमों के अनुसार, अब पहले दो वर्षों में सरेंडर वैल्यू जीरो या नगण्य हो सकती है। ‘गारंटीड सरेंडर वैल्यू’ का फॉर्मूला पॉलिसी डॉक्यूमेंट के सेक्शन में दिया होता है, जो प्रीमियम का एक निश्चित प्रतिशत होता है और हर साल बढ़ता है। क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ‘क्लेम सेटलमेंट’ सेक्शन में दी गई है। यह IRDAI के ‘पॉलिसीहोल्डर्स के हितों का संरक्षण’ विनियम के तहत अनिवार्य है। एजेंट अक्सर यह नहीं बताते: अगर आप प्रीमियम भरना बंद कर देते हैं, तो पॉलिसी लैप्स होने के बाद भी, आपको दोबारा शुरू (रिवाइव) करने के लिए बकाया राशि + ब्याज चुकाना होगा। यह एक छिपी हुई लागत है।

  1. सरेंडर वैल्यू का सच: शुरुआती 2-3 साल में पॉलिसी सरेंडर करने पर आपको बहुत कम राशि (कभी-कभी प्रीमियम का एक छोटा हिस्सा भी नहीं) मिलती है। LIC सरेंडर वैल्यू कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके आप अंदाजा लगा सकते हैं।
  2. क्लेम प्रक्रिया: मैच्योरिटी या दुर्भाग्यवश मृत्यु की स्थिति में क्लेम के लिए मूल पॉलिसी दस्तावेज, क्लेम फॉर्म (जैसे फॉर्म 3825), पहचान व पते का प्रमाण, बैंक पासबुक/कैंसल चेक और NEFT फॉर्म जमा करने होते हैं।
  3. प्रीमियम भरना बंद करना: ग्रेस पीरियड (आमतौर पर 30 दिन) के बाद भी प्रीमियम न भरने पर पॉलिसी लैप्स हो जाती है। फिर सिर्फ सरेंडर वैल्यू का विकल्प बचता है या बकाया राशि + ब्याज चुकाकर पॉलिसी रिवाइव करानी पड़ती है।
  4. नॉमिनी और असाइनमेंट: नॉमिनी का नाम सही और अपडेटेड रखना बहुत जरूरी है, नहीं तो क्लेम में देरी हो सकती है। पॉलिसी को किसी और के नाम करने (असाइन) की भी सुविधा है।

अगर आपकी कोई पुरानी LIC पॉलिसी लैप्स हो गई है, तो उसे चालू करने के लिए LIC का स्पेशल रिवाइवल अभियान जानना जरूरी है।

Read Also
LIC स्पेशल रिवाइवल अभियान 2026: बंद पॉलिसी चालू करने पर 30% तक की छूट – अंतिम तारीख और पूरी जानकारी
LIC स्पेशल रिवाइवल अभियान 2026: बंद पॉलिसी चालू करने पर 30% तक की छूट – अंतिम तारीख और पूरी जानकारी
LIC TALKS • Analysis

FAQs: ‘LIC low premium policy’

Q: क्या यह पॉलिसी मार्केट के उतार-चढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित है?
A: हाँ, यह नॉन-लिंक्ड प्लान है, इसलिए शेयर बाजार का जोखिम नहीं। रिटर्न LIC की गारंटीड बोनस दरों पर निर्भर करता है, जो पूरी तरह सुरक्षित है।
Q: अगर मैं प्रीमियम भरना बीच में ही बंद कर दूं, तो क्या मुझे कुछ पैसा वापस मिलेगा?
A: शुरुआती 2-3 साल में बहुत कम या नगण्य राशि मिलती है। बाद में सरेंडर वैल्यू मिलती है, जो प्रीमियम से कम भी हो सकती है।
Q: पॉलिसी चलते हुए क्या मैं अपनी मासिक प्रीमियम राशि बढ़ा सकता हूँ?
A: नहीं, प्रीमियम राशि पॉलिसी शुरू करते समय तय हो जाती है और बढ़ाई नहीं जा सकती। अधिक निवेश के लिए नई पॉलिसी लेनी होगी।
Q: मैच्योरिटी के समय मुझे कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?
A: मूल पॉलिसी, फॉर्म 3825, पहचान व पते का प्रमाण, बैंक पासबुक और NEFT फॉर्म जमा करने होते हैं क्लेम के लिए।
Q: क्या इस पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि पर टैक्स लगता है?
A: नहीं, अगर प्रीमियम 80C के अंदर है तो मैच्योरिटी राशि धारा 10(10D) के तहत पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है।

अंतिम सलाह: क्या करें?

अंत में, वर्षों के विश्लेषण से एक बात स्पष्ट है: जो लोग ‘सेफ्टी’ और ‘डिसिप्लिन’ को प्राथमिकता देते हैं, वे इस तरह के प्लान से संतुष्ट रहते हैं। जो लोग ‘ग्रोथ’ की तलाश में इसे देखते हैं, वे निराश होते हैं। LIC new endowment plan 914 को एक ‘सुरक्षित, डिसिप्लिंड सेविंग्स टूल’ के रूप में देखें, न कि ‘हाई-ग्रोथ इन्वेस्टमेंट’ के रूप में। आपके पोर्टफोलियो में LIC प्लान 914 जैसा प्रोडक्ट एक स्थिर, रिस्क-फ्री कोर हो सकता है, जिसके ऊपर आप हाई-रिटर्न वाले इक्विटी निवेश बना सकते हैं। यह एसेट एलोकेशन का सिद्धांत है। जैसा कि RBI और SEBI द्वारा जारी वित्तीय साक्षरता दिशानिर्देशों में कहा गया है, बीमा और निवेश को अलग रखना चाहिए। यह प्लान दोनों को मिलाता है, इसलिए इसे अपने समग्र वित्तीय लक्ष्यों के संदर्भ में ही देखें। हमारी अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण सलाह: किसी भी एजेंट के दबाव में न आएं। पॉलिसी ब्रोशर और टर्म्स & कंडीशंस को स्वयं पढ़ें। अगर समझ न आए, तो किसी फीस-आधारित वित्तीय सलाहकार (फी-ओनली प्लानर) से सलाह लें, जिसकी आपको बिक्री से कोई लाभ नहीं होता। LIC नए उत्पाद लाती रहती है, जैसे हाल ही में लॉन्च हुआ LIC का नया ग्रुप बेनिफिट्स सिक्योर प्लान, इसलिए हमेशा अपनी जरूरत के मुताबिक सही विकल्प चुनें।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Author Avatar

VIKASH YADAV

Editor-in-Chief • India Policy • LIC & Govt Schemes Vikash Yadav is the Founder and Editor-in-Chief of Policy Pulse. With over five years of experience in the Indian financial landscape, he specializes in simplifying LIC policies, government schemes, and India’s rapidly evolving tax and regulatory updates. Vikash’s goal is to make complex financial decisions easier for every Indian household through clear, practical insights.

Leave a Comment

Reviews
×