
हाय दोस्तों! क्या आप जानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद भी आप EPF लाभ जारी रख सकते हैं? आज हम जानेंगे केंद्र सरकार की नई सीनियर पार्ट-टाइम योजना के बारे में जिसने 58 वर्ष से अधिक उम्र के कामकाजी नागरिकों के लिए खुशखबरी लाई है। यह योजना उन सीनियर सिटीजन्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है जो आर्थिक रूप से सक्रिय रहना चाहते हैं। आज हम विस्तार से समझेंगे कि कैसे यह नया प्रावधान आपकी पेंशन को बढ़ाएगा, EPF कॉन्ट्रिब्यूशन जारी रखने में मदद करेगा और रिटायरमेंट के बाद EPF का पूरा लाभ उठाने का रास्ता खोलेगा। चलिए शुरू करते हैं!
सीनियर पार्ट-टाइम योजना क्या है? सीनियर नागरिक योजना
नई योजना की खास बातें
केंद्र सरकार ने जुलाई 2025 में सीनियर पार्ट-टाइम योजना की शुरुआत की है जो 58 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को EPF लाभ जारी रखने की अनुमति देती है। इस योजना के तहत, सीनियर सिटीजन सप्ताह में 20 घंटे तक काम करके भी अपना EPF खाता सक्रिय रख सकते हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस योजना से लगभग 12 लाख वरिष्ठ नागरिकों को लाभ होने का अनुमान है। सबसे खास बात यह है कि नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का EPF कॉन्ट्रिब्यूशन पूर्व की तरह जारी रहेगा, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी कोष में वृद्धि होती रहेगी।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारी की आयु कम से कम 58 वर्ष होनी चाहिए और वह EPFO के सदस्य के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। आवेदक को अपने संगठन के माध्यम से फॉर्म 11 (नया) जमा करना होगा, जिसमें कार्य घंटों और वेतन विवरण का उल्लेख करना अनिवार्य है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के दिशानिर्देशों के अनुसार, कर्मचारी को पार्ट-टाइम नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान करना होगा। यह योजना उन सभी सेक्टर्स के लिए उपलब्ध है जहाँ EPF लागू होता है, चाहे वह प्राइवेट संस्थान हो या सार्वजनिक उपक्रम।
फुल-टाइम और पार्ट-टाइम में अंतर
सीनियर पार्ट-टाइम योजना में काम के घंटे फुल-टाइम कर्मचारियों की तुलना में आधे होते हैं, लेकिन EPF लाभ पूर्ण रूप से मिलते हैं। वेतन संरचना में मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल होता है, जबकि अन्य भत्ते कंपनी नीति के अनुसार दिए जा सकते हैं। EPF नियम के तहत, कॉन्ट्रिब्यूशन की गणना वास्तविक वेतन के आधार पर होगी, न कि किसी निर्धारित सीमा के अनुसार। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सीनियर सिटीजन अपने अनुभव का उपयोग करते हुए अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं और साथ ही अपने रिटायरमेंट फंड को भी बढ़ा सकते हैं।
रिटायरमेंट के बाद EPF लाभ कैसे जारी रखें?
EPF खाता सक्रिय रखने के तरीके
रिटायरमेंट के बाद EPF खाता सक्रिय रखने के लिए यह योजना एक क्रांतिकारी कदम है। इसके तहत कर्मचारी को हर महीने अपने वेतन का 12% EPF में योगदान देना होगा, जबकि नियोक्ता भी समान राशि का योगदान करेगा। यह खाता पूरी तरह से सक्रिय रहेगा और उस पर वर्तमान में 8.25% की वार्षिक ब्याज दर मिलती रहेगी। सीनियर कर्मचारी चाहें तो वोलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) में अतिरिक्त योगदान भी कर सकते हैं जोकि टैक्स सेविंग का भी एक बेहतरीन विकल्प है।
वित्तीय सुरक्षा और कर लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह सीनियर सिटीजन वेलफेयर को बढ़ावा देते हुए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत EPF में किया गया योगदान 1.5 लाख रुपये तक कर-मुक्त होता है। इसके अलावा, पार्ट-टाइम आय पर टैक्स स्लैब के अनुसार ही कर लगता है जो फुल-टाइम आय की तुलना में काफी कम हो सकता है। कर्मचारी अपने मासिक बजट को बिना किसी दबाव के मैनेज कर सकते हैं और साथ ही अपनी बचत को भी बढ़ा सकते हैं।

परिपक्वता और निकासी के विकल्प
सीनियर पार्ट-टाइम योजना के तहत EPF खाता तब तक सक्रिय रहेगा जब तक कर्मचारी कार्यरत है। कर्मचारी 75 वर्ष की आयु तक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। खाता बंद करने पर संचित राशि का 90% तुरंत प्राप्त किया जा सकता है, जबकि शेष 10% राशि पेंशन फंड में स्थानांतरित हो जाएगी। आपात स्थिति में चिकित्सा उपचार या घर खरीदने के लिए आंशिक निकासी की भी सुविधा उपलब्ध है। यह लचीलापन रिटायरमेंट प्लानिंग को अधिक प्रभावी बनाता है और वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय आपात स्थितियों से निपटने में मदद करता है।
पार्ट-टाइम जॉब के फायदे और आपकी आय
आर्थिक और सामाजिक लाभ
पार्ट-टाइम जॉब के फायदे केवल आर्थिक तक ही सीमित नहीं हैं। सीनियर सिटीजन्स के लिए यह सामाजिक सक्रियता बनाए रखने का एक शानदार माध्यम है। सप्ताह में 15-20 घंटे काम करके आप मासिक 15,000 से 40,000 रुपये तक अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं, जोकि आपकी पेंशन और अन्य स्रोतों से प्राप्त आय के सप्लीमेंट के रूप में काम करता है। इससे महंगाई की मार को कम करने में मदद मिलती है और जीवन स्तर बना रहता है। इसके अलावा, कार्यस्थल पर युवा साथियों के साथ इंटरैक्शन से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
स्वास्थ्य लाभ और बीमा कवरेज
कई संगठन पार्ट-टाइम कर्मचारियों को भी समूह स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदान करते हैं। यह सीनियर नागरिकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि उम्र के साथ स्वास्थ्य व्यय बढ़ते जाते हैं। कंपनी द्वारा प्रदान किया गया हेल्थ इंश्योरेंस आमतौर पर 2-5 लाख रुपये तक का कवर प्रदान करता है, जो निजी बीमा पॉलिसियों पर निर्भरता कम करता है। कुछ कंपनियाँ वेलनेस प्रोग्राम, नियमित हेल्थ चेकअप और डिस्काउंटेड मेडिकल सुविधाएं भी प्रदान करती हैं जो सीनियर सिटीजन वेलफेयर को बढ़ावा देती हैं।

कौशल उपयोग और व्यक्तिगत संतुष्टि
सीनियर पार्ट-टाइम योजना आपको अपने दशकों के पेशेवर अनुभव का सार्थक उपयोग करने का अवसर देती है। कंसल्टेंट, मेंटर या ट्रेनर के रूप में काम करके आप न सिर्फ अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं बल्कि व्यक्तिगत संतुष्टि भी प्राप्त कर सकते हैं। यह सेमी-रिटायर्ड लाइफ में उद्देश्यपूर्ण गतिविधियों को जोड़ता है और डिप्रेशन के जोखिम को कम करता है। आप अपनी गति से काम कर सकते हैं, जिससे तनाव कम होता है और कार्य-जीवन संतुलन बना रहता है। पार्ट-टाइम जॉब के फायदे वास्तव में जीवन की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।
EPF नियम और सीनियर सिटीजन के लिए विशेष प्रावधान
योगदान सीमा और ब्याज गणना
सामान्य EPF नियमों के अनुसार, कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान बेसिक सैलरी + डीए के 12% के बराबर होता है। हालाँकि, सीनियर पार्ट-टाइम योजना में यह प्रावधान है कि अगर कर्मचारी का वेतन 15,000 रुपये प्रति माह से अधिक है, तो नियोक्ता का योगदान केवल 15,000 रुपये के आधार पर ही किया जाएगा। वर्तमान में EPF पर 8.25% की वार्षिक ब्याज दर लागू है, जोकि अधिकांश सावधि जमाओं से बेहतर है। ब्याज की गणना मासिक रनिंग बैलेंस पर की जाती है, लेकिन वार्षिक आधार पर जमा होता है।
कर संबंधी लाभ और छूट
EPF पर कराधान के मामले में सीनियर सिटीजन्स को विशेष लाभ प्राप्त हैं। योजना में किया गया योगदान धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक कर-मुक्त है। खाते पर अर्जित ब्याज भी पूरी तरह से कर मुक्त है, बशर्ते कि योगदान 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक न हो। रिटायरमेंट के बाद EPF से निकासी पर, अगर सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक है तो पूरी राशि कर-मुक्त होती है। ये EPF लाभ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर बचत के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
पेंशन योजना से जुड़ाव
EPF और EPS (एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम) एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। सीनियर पार्ट-टाइम योजना के तहत काम करने पर आपका पेंशन फंड भी सक्रिय रहता है। हर महीने नियोक्ता के योगदान का 8.33% EPS में जाता है। अगर आपने 10 साल या उससे अधिक का योगदान दिया है, तो आप नियमित मासिक पेंशन के हकदार होंगे। EPS की विशेषता यह है कि यह जीवनपर्यंत पेंशन प्रदान करता है, जोकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक स्थिर आय स्रोत सुनिश्चित करता है और रिटायरमेंट प्लानिंग को मजबूत बनाता है।
रिटायरमेंट प्लानिंग में सीनियर पार्ट-टाइम योजना की भूमिका
महंगाई से सुरक्षा और आय स्थिरता
महंगाई रिटायर्ड लाइफ की सबसे बड़ी चुनौती है। सीनियर पार्ट-टाइम योजना इस समस्या से निपटने में मदद करती है क्योंकि यह न केवल अतिरिक्त आय प्रदान करती है बल्कि आपके EPF कोष को भी बढ़ाती है। पिछले 10 वर्षों में औसत महंगाई दर 5-6% रही है, जबकि EPF रिटर्न 8-8.5% के बीच रहा है। इसका मतलब है कि आपकी बचत महंगाई की तुलना में तेजी से बढ़ती है। इस योजना के माध्यम से आप अपने मासिक खर्चों को पूरा करने के लिए पार्ट-टाइम आय का उपयोग कर सकते हैं और अपनी मुख्य बचत को बढ़ने दे सकते हैं।
आपातकालीन फंड निर्माण
सीनियर सिटीजन्स के लिए आपातकालीन फंड का होना अत्यंत जरूरी है। रिटायरमेंट प्लानिंग में इस योजना की सबसे बड़ी भूमिका यह है कि यह अनचाहे खर्चों के लिए एक सुरक्षा कवच बनाती है। पार्ट-टाइम काम से प्राप्त आय का एक हिस्सा आप आपात निधि के लिए अलग रख सकते हैं। EPF खाते से आप जरूरत पड़ने पर आंशिक निकासी भी कर सकते हैं – चिकित्सा आपात स्थिति में 6 महीने के वेतन तक या घर खरीदने/बनाने के लिए 36 महीने के वेतन तक की निकासी की अनुमति है। यह लचीलापन वित्तीय संकट के समय आपको दूसरों पर निर्भर होने से बचाता है।
विविध निवेश रणनीति
सीनियर पार्ट-टाइम योजना आपको अपने निवेश पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करने में मदद करती है। EPF के अलावा, अतिरिक्त आय को आप म्यूचुअल फंड, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) या फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं। SCSS पर वर्तमान में 8.2% ब्याज मिलता है जोकि नियमित एफडी से अधिक है। विविध निवेश जोखिम को कम करता है और बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ाता है। यह रणनीति रिटायरमेंट के बाद EPF को पूरक बनाती है और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करती है।
सरकारी योजनाओं का लाभ: सीनियर सिटीजन वेलफेयर
स्वास्थ्य सुविधाएं और बीमा योजनाएं
केंद्र और राज्य सरकारें सीनियर सिटीजन्स के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा, कई राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर और सब्सिडी वाली दवाइयों की सुविधा उपलब्ध है। सीनियर पार्ट-टाइम योजना से जुड़े कर्मचारी कंपनी द्वारा दिए जाने वाले ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस के अलावा इन सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।
यात्रा और मनोरंजन पर छूट
भारतीय रेलवे द्वारा 60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष यात्रियों को 40% और महिला यात्रियों को 50% किराया छूट दी जाती है। इसके अलावा, कई राज्य सरकारें स्थानीय बसों में भी छूट प्रदान करती हैं। ऐतिहासिक स्मारकों और राष्ट्रीय उद्यानों में प्रवेश शुल्क पर भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष छूट है। पार्ट-टाइम जॉब के फायदे यह हैं कि आप इन यात्राओं का खर्च आसानी से वहन कर सकते हैं। कई प्राइवेट संस्थान भी सीनियर सिटीजन्स को शॉपिंग, मूवी टिकट और डाइनिंग पर विशेष डिस्काउंट ऑफर करते हैं।
अन्य कल्याणकारी योजनाएं
सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन योजना (IGNOAPS) के तहत 60-79 वर्ष के निर्धन वरिष्ठ नागरिकों को 400 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है, जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) में 7.4% का आकर्षक ब्याज दर उपलब्ध है। सीनियर पार्ट-टाइम योजना से प्राप्त आय को आप SCSS में निवेश कर सकते हैं जिससे गारंटीड रिटर्न मिलता है। ये सभी योजनाएं मिलकर वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित और सम्मानजनक बनाती हैं।
FAQs: सरकारी योजना Qs
निष्कर्ष: नई सीनियर पार्ट-टाइम योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह न केवल आपको आर्थिक रूप से सक्रिय रखती है बल्कि रिटायरमेंट के बाद EPF लाभों को जारी रखने का मार्ग प्रशस्त करती है। इस योजना के माध्यम से आप अपने अनुभव का सदुपयोग करते हुए अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं, सामाजिक रूप से जुड़े रह सकते हैं और अपनी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं। अगर आप 58 वर्ष से ऊपर हैं और काम करने की इच्छा रखते हैं, तो आज ही अपने संगठन के HR विभाग से इस योजना के बारे में बात करें!
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Editor-in-Chief • India Policy • LIC & Govt Schemes
Vikash Yadav is the Founder and Editor-in-Chief of Policy Pulse. With over five years of experience in
the Indian financial landscape, he specializes in simplifying LIC policies, government schemes, and
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