
हाय दोस्तों! क्या आप में से किसी के घर में भी 70 साल से ऊपर के कोई बुजुर्ग सदस्य हैं, जिन्हें अक्सर यह चिंता सताती रहती है कि अगर अचानक स्वास्थ्य खराब हुआ तो इलाज का भारी खर्च कैसे उठाएंगे? आप अकेले नहीं हैं, भारत के लाखों परिवारों की यही सबसे बड़ी चिंता है। अच्छी खबर यह है कि सरकार ने इस चिंता का एक बेहतरीन समाधान निकाला है। आज की इस गाइड में, हम आपको बिल्कुल आसान भाषा में बताएंगे कि कैसे आप घर बैठे-बैठे, बिना किसी झंझट के, अपने बुजुर्ग माता-पिता या रिश्तेदार के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा सकते हैं। यह सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि एक आसान प्रक्रिया है, जिसमें हम आपको फेस ऑथेंटिकेशन के गोल्डन टिप्स भी देंगे।
2026 के संदर्भ में, आयुष्मान वय वंदना कार्ड भारत सरकार की एक अहम पहल है, जो विशेष रूप से 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर मुहैया कराती है। इस गाइड में हम आपको सिर्फ योजना के बारे में नहीं, बल्कि उस सफल फेस ऑथेंटिकेशन के प्रैक्टिकल टिप्स देंगे जिनसे आपका कार्ड तुरंत और आसानी से बन जाएगा।
Did You Know?
‘आयुष्मान वय वंदना कार्ड… 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है।’
वय वंदना कार्ड 2026: यह क्या है और इसके मुख्य लाभ?
आयुष्मान वय वंदना कार्ड दरअसल आयुष्मान भारत योजना का ही एक विशेष विस्तार है, जिसका एकमात्र लक्ष्य देश के 70 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करना है। बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती हैं और इसी जरूरत को ध्यान में रखकर यह योजना शुरू की गई है।
- 5 लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य कवर: हर साल 5 लाख रुपये तक का इलाज कराने की सुविधा।
- कैशलेस इलाज: अस्पताल में पैसे जमा कराने की जरूरत नहीं।
- पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर्ड: योजना में शामिल होते समय मौजूद बीमारियों का भी इलाज होगा।
- देश भर के इम्पैनल्ड अस्पतालों में इलाज: पूरे भारत में मान्यता प्राप्त हजारों अस्पतालों में इलाज।
- व्यापक कवरेज: अस्पताल में भर्ती, दवाइयां, जांच, ऑपरेशन और ओपीडी तक का कवर।
कैशलेस इलाज का मतलब समझ लेना जरूरी है। इसका सीधा सा मतलब है कि जब कोई लाभार्थी इम्पैनल्ड अस्पताल में इलाज के लिए जाएगा, तो अस्पताल सीधे सरकार से उस इलाज का भुगतान प्राप्त करेगा। लाभार्थी या उसके परिवार को वहां पैसे देने की जरूरत बिल्कुल नहीं होगी, यही इस योजना की सबसे बड़ी खूबी है।
वय वंदना कार्ड के लाभ – कवरेज विस्तार
इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने, दवाइयों, जांच और ऑपरेशन जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च सीधे सरकार द्वारा वहन किया जाता है। यह दृश्य चार्ट आपको साफ दिखाता है कि यह वरिष्ठ नागरिक लाभ योजना किन-किन मुख्य खर्चों को पूरी तरह कवर करती है।
क्या आप पात्र हैं? वय वंदना कार्ड के लिए जरूरी शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता के कुछ मूल सिद्धांत हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है आयु। यह योजना खासतौर पर 70 प्लस कार्ड के रूप में जानी जाती है, क्योंकि इसकी पहली और सबसे बड़ी शर्त ही आयु है।
आवेदन से पहले इस चेकलिस्ट को जरूर देखें
- आयु 70 वर्ष या अधिक: आवेदक की उम्र 70 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
- भारतीय नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आधार कार्ड (आवश्यक): आवेदक के पास वैध आधार कार्ड होना जरूरी है।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर (अति आवश्यक): आवेदन करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
- अन्य सरकारी स्वास्थ्य बीमा न होना: आवेदक पहले से सीजीएचएस (CGHS), ईएसआई (ESI) या ऐसी ही किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं ले रहा होना चाहिए। अगर ले रहा है, तो उसका लाभ इसके साथ नहीं मिल पाएगा।
वय वंदना कार्ड बनाम आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड: अंतर समझें
दोस्तों, एक बड़ा भ्रम यह भी होता है कि कई लोग सोचते हैं कि यह आयुष्मान भारत योजना का वही गोल्डन कार्ड (AB-PMJAY) है जिसके बारे में पहले सुनते आए हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। वय वंदना कार्ड एक अलग और विशिष्ट योजना है, जिसका लक्ष्य केवल और केवल 70+ आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिक हैं। आइए, एक नजर में दोनों के बीच का अंतर स्पष्ट करते हैं।
| पैरामीटर | वय वंदना कार्ड (70+) | आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड (AB-PMJAY) |
|---|---|---|
| लक्षित आयु | 70+ वर्ष | कोई निश्चित आयु सीमा नहीं (आर्थिक/सामाजिक मानदंड) |
| वार्षिक कवर | 5 लाख रुपये | 5 लाख रुपये प्रति परिवार |
| आवेदन मुख्य आधार | आयु | सामाजिक-आर्थिक जनगणना (SECC) डेटाबेस |
| प्राथमिक सत्यापन | फेस ऑथेंटिकेशन (घर बैठे) | अस्पताल/सीएससी में दस्तावेज़ सत्यापन |
70 वर्ष से कम आयु के पाठकों के लिए, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड के नए ऑनलाइन तरीके की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: फेस ऑथेंटिकेशन से घर बैठे कैसे करें आवेदन?
अब बात करते हैं सबसे जरूरी हिस्से की, यानी ऑनलाइन आवेदन की। अच्छी बात यह है कि इस प्रक्रिया में कोई फॉर्म भरने का झंझट नहीं है। पूरी प्रक्रिया आपके मोबाइल और आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन पर आधारित है। आपको बस आधिकारिक वेबसाइट (मायगॉव) या ‘आयुष्मान भारत’ ऐप का इस्तेमाल करना है।
स्टेप 1: तैयारी (सबसे जरूरी कदम)
सफल आवेदन की नींव यहीं रखी जाती है। सुनिश्चित करें कि आवेदक का मोबाइल नंबर आधार से लिंक है। कमरे में पर्याप्त रोशनी हो (प्राकृतिक रोशनी सबसे अच्छी है) और इंटरनेट कनेक्शन स्थिर हो (मोबाइल डेटा की बजाय WiFi ज्यादा बेहतर रहेगा)।
स्टेप 2: मोबाइल नंबर दर्ज करना और OTP वेरिफाई करना
आधिकारिक वेबसाइट या ऐप खोलें और ‘वय वंदना कार्ड’ या ’70+ Senior Citizen Card’ का विकल्प चुनें। अब वह मोबाइल नंबर दर्ज करें जो आधार से लिंक है। इस नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा, उसे दर्ज करके वेरिफाई कर दें। यह स्टेप यह सुनिश्चित करता है कि आवेदन सही व्यक्ति कर रहा है।
स्टेप 3: फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया
OTP वेरिफाई के बाद स्क्रीन पर ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ शुरू करने का विकल्प आएगा। ‘Allow Camera’ या ‘कैमरा एक्सेस दें’ पर क्लिक करें। अब सीधे कैमरे की ओर देखें, अपना चेहरा उस ओवल फ्रेम के अंदर रखें जो स्क्रीन पर दिखेगा। हल्की सी मुस्कान के साथ शांत चेहरे का भाव रखें। अगर संभव हो तो चश्मा उतार दें, क्योंकि कभी-कभी चश्मे की चमक या फ्रेम सत्यापन में बाधा बन सकते हैं।
आयुष्मान भारत योजना के बारे में और अधिक विस्तृत जानकारी, जैसे हॉस्पिटल लिस्ट और नए अपडेट्स, के लिए यह लेख पढ़ें।
फेस ऑथेंटिकेशन के लिए इन 5 बातों का रखें ध्यान (गोल्डन टिप्स)
- रोशनी का ख्याल: चेहरे पर सीधी और समान रोशनी पड़नी चाहिए, पीछे से तेज रोशनी नहीं होनी चाहिए।
- सादा पृष्ठभूमि: कैमरे के पीछे की पृष्ठभूमि सादी और हल्के रंग की हो (जैसे सफेद दीवार)।
- शांत मुद्रा: बिल्कुल सीधे बैठें, सिर न झुकाएं और न ही तिरछा करें।
- चश्मा हटाएं: अगर बहुत जरूरी न हो, तो चश्मा उतारने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
- धैर्य रखें: प्रक्रिया पूरी होने तक चेहरे की पोजीशन न बदलें, भले ही 10-15 सेकंड लगें।
आवेदन प्रक्रिया में आवेदक को अपने आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए फेस ऑथेंटिकेशन या बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करना होता है। सफल सत्यापन के बाद, डिजिटल कार्ड तुरंत जनरेट हो जाता है… फिजिकल कार्ड बाद में पंजीकृत पते पर डाक के माध्यम से भेज दिया जाता है।
स्टेप 4: सफलता और कार्ड डाउनलोड
फेस ऑथेंटिकेशन सफल होने पर स्क्रीन पर एक सफलता का संदेश और आपका आयुष्मान वय वंदना कार्ड दिखाई देगा। इसमें एक यूनिक आईडी (जैसे VVCN….) होगी। इस डिजिटल कार्ड को तुरंत डाउनलोड करके सेव कर लें, यह आपके पास इलाज के समय दिखाने के लिए रहेगा। इसके साथ ही, आपके आधार में रजिस्टर्ड पते पर एक फिजिकल कार्ड भी कुछ हफ्तों में डाक के जरिए पहुंच जाएगा।
सामान्य समस्याएं और समाधान (ट्रबलशूटिंग गाइड)
दोस्तों, तकनीक के साथ छोटी-मोटी दिक्कतें आना बिल्कुल स्वाभाविक है, खासकर जब बात फेस ऑथेंटिकेशन की हो। परेशान न हों, नीचे दी गई समस्याओं और उनके आसान समाधानों से आपका काम आसान हो जाएगा।
‘मेरा फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाता है। क्या करूं?’
यह सबसे आम समस्या है। इसके मुख्य कारण हैं: खराब रोशनी, कमजोर इंटरनेट, या आधार कार्ड में पुरानी फोटो जो आपके वर्तमान चेहरे से मेल नहीं खाती। समाधान: रोशनी ठीक करें, WiFi का इस्तेमाल करें और अगर बार-बार फेल हो रहा है तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं।
‘मेरा मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है।’
अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो ऑनलाइन आवेदन संभव नहीं है। समाधान: सबसे पहले नजदीकी आधार सेवा केंद्र, बैंक शाखा या टेलीकॉम ऑपरेटर के केंद्र पर जाकर अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक करवाएं। यह प्रक्रिया आमतौर पर तुरंत हो जाती है।
‘मैं डिजिटल कार्ड डाउनलोड कैसे करूं?’
अगर आपने कार्ड डाउनलोड नहीं किया है, तो चिंता की कोई बात नहीं। आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर लॉग इन करके (उसी मोबाइल नंबर से), ‘My Applications’ या ‘मेरे आवेदन’ सेक्शन में जाएं। वहां आपको अपना जनरेटेड कार्ड दिखेगा, जिस पर ‘Download’ या ‘डाउनलोड’ का विकल्प होगा।
‘फिजिकल कार्ड नहीं आया, क्या करें?’
डिजिटल कार्ड बनने के 4-6 हफ्ते बाद भी अगर फिजिकल कार्ड नहीं आया, तो आप आधिकारिक वेबसाइट पर अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपकी आवेदन आईडी या मोबाइल नंबर चाहिए होगा। अगर कोई समस्या दिखे, तो आयुष्मान भारत हेल्पलाइन नंबर 14555 या 1800-111-565 पर संपर्क करें।
FAQs: ‘स्वास्थ्य बीमा’
Q: क्या वय वंदना कार्ड बनवाने के लिए कोई फीस देनी पड़ती है?
Q: अगर मेरे पास पहले से कोई अन्य स्वास्थ्य बीमा है, तो क्या मैं इसका लाभ ले सकता हूं?
Q: क्या इस कार्ड से किसी भी निजी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है?
Q: कार्ड बनने के बाद उसका इस्तेमाल कैसे करें?
Q: 2026 में इस योजना में क्या नया बदलाव आया है?
निष्कर्ष: सुरक्षा और सावधानियां
तो दोस्तों, आज हमने विस्तार से जाना कि कैसे 70 साल से ऊपर के हर वरिष्ठ नागरिक के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड एक वरदान है। हमने पात्रता की सरल शर्तें, आसान फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया और 5 लाख रुपये के बड़े लाभ के बारे में सब कुछ समझा। याद रखें, यह योजना आपकी सेहत की चिंता को कम करने के लिए है।
सावधानी: इस योजना के नाम पर किसी को भी पैसे या शुल्क न दें। आवेदन सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या एप से ही करें। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी (जैसे बैंक विवरण, पासवर्ड) किसी के साथ साझा न करें।
इस प्रकार, आयुष्मान वय वंदना कार्ड देश के बुजुर्गों को आर्थिक चिंता के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने में एक सशक्त भूमिका निभा रहा है। आप इसका लाभ जरूर उठाएं और अपने आस-पड़ोस के अन्य पात्र बुजुर्गों तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाएं। एक छोटी सी शेयर की गई जानकारी किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती है।

Editor-in-Chief • India Policy • LIC & Govt Schemes
Vikash Yadav is the Founder and Editor-in-Chief of Policy Pulse. With over five years of experience in
the Indian financial landscape, he specializes in simplifying LIC policies, government schemes, and
India’s rapidly evolving tax and regulatory updates. Vikash’s goal is to make complex financial
decisions easier for every Indian household through clear, practical insights.







