
हाय दोस्तों! क्या आप या आपके परिवार में कोई EPFO पेंशनर हैं? अगर हां, तो यह गाइड सीधे आपके लिए है। आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसी ज़रूरी प्रक्रिया के बारे में जो हर साल आपकी पेंशन को निर्बाध रूप से जारी रखती है – जीवन प्रमाण। पहले यह काम दौड़-धूप और लंबी लाइनों में खड़े होकर करना पड़ता था, लेकिन अब तकनीक ने इसे बिल्कुल आसान बना दिया है। इस अपडेटेड गाइड फॉर 2026 में, हम समझेंगे कि कैसे आप फेस स्कैन की मदद से घर बैठे जीवन प्रमाण दे सकते हैं।
पेंशन जारी रखने के लिए ईपीएफओ डिजिटल जीवन प्रमाण जमा करना अब अनिवार्य है। आपको याद होगा, पिछले साल पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की डेडलाइन 30 नवंबर, 2025 तक थी, और इस तारीख के बाद प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन की रकम अटक सकती है। हालांकि 2025 की डेडलाइन बीत चुकी है, लेकिन डिजिटल प्रक्रिया आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। यह गाइड आपको 2026 और उसके बाद भी पूरी प्रक्रिया समझने में मदद करेगी।
EPFO डिजिटल जीवन प्रमाण क्या है? समझें नए नियम
जीवन प्रमाण की अनिवार्यता और डिजिटल बदलाव
सीधी भाषा में समझें तो, जीवन प्रमाण EPFO के लिए एक तरह का ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ है। यह साबित करता है कि पेंशन प्राप्त करने वाला व्यक्ति जीवित है, ताकि पेंशन का भुगतान सही व्यक्ति को मिलता रहे। पहले यह प्रक्रिया बहुत पेचीदा थी। पेंशनर को शारीरिक रूप से अपने बैंक या निर्धारित कार्यालय जाकर अंगूठे का निशान लगवाना पड़ता था, फिर वह फॉर्म वहां जमा करना पड़ता था। इसमें घंटों लग जाते थे और बुजुर्गों के लिए यह यात्रा एक बड़ी समस्या थी।
लेकिन अब डिजिटल इंडिया की पहल के तहत यह पूरा सिस्टम बदल गया है। अब आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं। आपके स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन ने ही आपका काम आसान कर दिया है। इस नई व्यवस्था को ही डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र या घर बैठे जीवन प्रमाण कहा जाता है। जीवन प्रमाण के नए नियम सिर्फ आपकी सुविधा के लिए बनाए गए हैं।
2026 में क्या है खास? फेस स्कैन का महत्व
2026 के संदर्भ में देखें तो यह डिजिटल प्रक्रिया और भी ज़रूरी हो गई है। अब महज ऑनलाइन फॉर्म भरने से काम नहीं चलता, बल्कि एक सुरक्षित बायोमेट्रिक पुष्टि जरूरी है – और यहीं आता है फेस स्कैन पेंशन प्रक्रिया का रोल। फेस स्कैन एक ऐसी तकनीक है जो आपके चेहरे के unique features को स्कैन करके, रियल-टाइम में यह पुष्टि करती है कि प्रमाण देने वाला व्यक्ति सचमुच जीवित है और वही है जो वह होने का दावा कर रहा है।
यह सिस्टम सिर्फ यह चेक करता है कि सामने एक जीवित इंसान है, न कि कोई फोटो या वीडियो। अब पेंशनर्स के पास घर बैठे ही इस प्रमाण पत्र को डाउनलोड और सबमिट करने की सुविधा उपलब्ध है, जिसकी एक स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया है। यह EPFO डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रक्रिया को न सिर्फ आसान बनाती है, बल्कि पेंशन व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा भी लाती है।
डिजिटल जीवन प्रमाण के फायदे: पेंशनर्स के लिए राहत
पारंपरिक और डिजिटल तरीके में जमीन-आसमान का अंतर है। पहले जहां पूरा दिन खप जाता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में काम पूरा हो जाता है। डिजिटल तरीके के सबसे बड़े फायदे हैं: बारिश, धूप या स्वास्थ्य समस्याओं की चिंता किए बिना घर के आराम से काम हो जाना; बैंक या दफ्तर की लंबी लाइन में खड़े होने की झंझट खत्म; 24 घंटे, किसी भी समय प्रमाण देना; और तुरंत डिजिटल पुष्टि मिल जाना।
EPFO ऑनलाइन सर्विस ने पेंशनर की जिंदगी में एक बड़ी राहत दी है। यह डिजिटल सुविधा पेंशनर्स के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जैसे सही दस्तावेज और अच्छा इंटरनेट कनेक्शन। घर बैठे जीवन प्रमाण देने का यह तरीका न सिर्फ समय बचाता है, बल्कि तनाव से भी मुक्ति दिलाता है।
तैयारी के स्टेप्स: डिजिटल जीवन प्रमाण देने से पहले
किसी भी काम को आसानी से करने के लिए थोड़ी तैयारी जरूरी होती है। डिजिटल जीवन प्रमाण देने से पहले भी कुछ चीजें तैयार रख लें, तो प्रक्रिया चुटकियों में पूरी हो जाएगी। सबसे पहले, अपना UAN (Universal Account Number) नंबर ढूंढ लें। अगर यह याद नहीं है, तो पुरानी पेंशन स्लिप या PPO (Pension Payment Order) नंबर से भी काम चल जाएगा। इसके अलावा, वह बैंक अकाउंट डिटेल्स भी पास रखें, जिसमें पेंशन आती है।
दूसरी सबसे जरूरी चीज है आपका मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक है। क्योंकि OTP उसी नंबर पर आएगा। फिर चाहिए एक स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन और एक अच्छी क्वालिटी के फ्रंट कैमरे वाला स्मार्टफोन या टैबलेट। अगर आपको तकनीक में दिक्कत लगती है, तो घबराएं नहीं। बस परिवार के किसी युवा सदस्य – बेटा, बेटी, पोता-पोती – को अपने पास बिठा लें। वे आपको step-by-step मदद कर देंगे।
| विवरण | पारंपरिक तरीका | डिजिटल तरीका |
|---|---|---|
| समय लगता है | 4-5 घंटे या पूरा दिन | 5-10 मिनट |
| स्थान | बैंक/कार्यालय जाना पड़ता है | घर बैठे, कहीं भी |
| आवश्यक दस्तावेज़ | फिजिकल फॉर्म, फोटो, आईडी प्रूफ | UAN/PPO नंबर, आधार-लिंक्ड मोबाइल |
| सुरक्षा/सत्यापन | अंगूठे का निशान, मैनुअल चेक | फेस स्कैन, लाइवनेस डिटेक्शन, OTP |
| विशेष टिप्पणी | मौसम और स्वास्थ्य पर निर्भर | 24×7 सुविधा, तुरंत पुष्टि |
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: फेस स्कैन से डिजिटल जीवन प्रमाण कैसे दें?
स्टेप 1: एप्लिकेशन/वेबसाइट तक पहुंच
सबसे पहले, आपको उस प्लेटफॉर्म तक पहुंचना है जहां से यह सुविधा मिलती है। दो आसान विकल्प हैं: पहला है UMANG ऐप, जिसे आप Google Play Store या Apple App Store से ‘UMANG’ सर्च करके डाउनलोड कर सकते हैं। दूसरा विकल्प है EPFO की ऑफिशियल वेबसाइट (epfindia.gov.in) पर जाना। शुरुआत करने वालों के लिए UMANG ऐप सबसे आसान और यूजर-फ्रेंडली है। EPFO ऑनलाइन सर्विस का यह मेन गेटवे है।
स्टेप 2: लॉगिन और सर्विस चुनना
ऐप खोलने के बाद, ‘Pensioners’ सेक्शन देखें या सर्च बॉक्स में ‘Digital Life Certificate’ टाइप करें। आपसे लॉगिन के लिए UAN नंबर या PPO नंबर मांगा जाएगा। यह नंबर डालें और उसके बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करके वेरीफाई करें। लॉगिन होते ही, मेन्यू में से ‘Digital Life Certificate for Pensioners’ या ‘Jeevan Pramaan’ नाम की सर्विस को चुन लें।
स्टेप 3: फेस स्कैन/लाइवनेस डिटेक्शन प्रक्रिया
यह वह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है जहां ज्यादातर लोग थोड़ा घबरा जाते हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। जैसे ही आप प्रक्रिया शुरू करेंगे, ऐप आपसे कैमरे की अनुमति मांगेगा – ‘Allow’ पर क्लिक कर दें। फेस स्कैन पेंशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले, अपने चेहरे को अच्छी रोशनी में रखें (प्राकृतिक दिन की रोशनी सबसे बेहतर है)। कैमरे के सामने सीधे बैठ जाएं और अपना चेहरा फ्रेम में लाएं।
अब ऐप आपको कुछ सिंपल निर्देश देगा, जैसे “मुस्कुराएं”, “सिर हिलाएं” या “आंखें झपकाएं”। बस इन निर्देशों का पालन करें। यह लाइवनेस डिटेक्शन है, जो सुनिश्चित करता है कि स्कैन एक रियल पर्सन का हो रहा है। इसमें जल्दबाजी न करें, शांति से निर्देशों का पालन करें। स्कैन सफल होने पर एक कन्फर्मेशन मैसेज आ जाएगा।
स्टेप 4: सबमिशन और पुष्टिकरण
फेस स्कैन सफल होने के बाद, सिस्टम अपने आप डेटा वेरीफाई करेगा और एक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जनरेट कर देगा। इसमें एक यूनिक आईडी (LPC Id) होगी। इस स्क्रीन का स्क्रीनशॉट जरूर सेव कर लें या ‘Download Certificate’ के ऑप्शन पर क्लिक करके PDF सेव कर लें। यही आपकी रसीद है। इसके बाद, आपको एक सफलता का संदेश मिलेगा। पेंशन जारी रखने की पुष्टि के लिए, आपकी अगली पेंशन की राशि समय पर आपके खाते में आ जाएगी। इस प्रक्रिया को अपनाकर पेंशनर्स मात्र एक मिनट में ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं और अपनी मासिक पेंशन को निर्बाध रूप से जारी रख सकते हैं।
डिजिटल जीवन प्रमाण प्रक्रिया: सफलता दर और समय बचत
लगभग 97% समय की बचत!
समस्याएं और समाधान: क्या करें अगर फेस स्कैन फेल हो जाए?
कभी-कभार तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं, इसमें घबराने की बात नहीं है। सबसे कॉमन समस्या है फेस स्कैन का फेल हो जाना। ऐसा अक्सर खराब इंटरनेट कनेक्शन, कम रोशनी, या कैमरे के सामने चश्मा/दाढ़ी जैसी चीजों में बदलाव के कारण होता है। पहली कोशिश में अगर स्कैन न हो, तो गहरी सांस लें और दोबारा कोशिश करें। कमरे की लाइट बढ़ा दें या खिड़की के पास चले जाएं। अपना चेहरा सीधा रखें और स्क्रीन पर दिए निर्देशों को ध्यान से फॉलो करें।
अगर इंटरनेट धीमा है, तो वाई-फाई की जगह मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करके देखें, या इसके उलट। ऐप बार-बार क्रैश कर रहा है तो ऐप को क्लोज करके दोबारा खोलें या फोन रीस्टार्ट कर दें। सबसे अच्छी टिप यह है कि निर्धारित तारीख से काफी पहले ही प्रक्रिया शुरू कर दें, ताकि अगर कोई दिक्कत भी आए तो उसे सुलझाने का भरपूर समय मिले। इससे पहले भी यह सलाह दी गई थी कि पेंशनर्स को निर्धारित तारीख से पहले ही जीवन प्रमाण पत्र जमा कर देना चाहिए ताकि उनकी पेंशन की रकम नियमित रूप से मिलती रहे।
अगर बार-बार कोशिश के बाद भी डिजिटल तरीके से काम नहीं बन रहा, तो चिंता न करें। अब भी वैकल्पिक रास्ते मौजूद हैं। आप सीधे अपने पेंशन बैंक की शाखा में जा सकते हैं, जहां अक्सर डिजिटल सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। या फिर आप नजदीकी CSC (Common Service Centre) पर जा सकते हैं, जहां आपको इस काम में मदद मिलेगी। सबसे आखिर में, EPFO की हेल्पलाइन नंबर (155255) पर कॉल करके सहायता ले सकते हैं। धैर्य रखें, समस्या का समाधान जरूर होगा।
FAQs: ‘EPFO ऑनलाइन सर्विस’
Q: क्या डिजिटल जीवन प्रमाण जमा करने की कोई विशेष तिथि या डेडलाइन होती है?
Q: क्या फेस स्कैन प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है? मेरे आधार डेटा का क्या होगा?
Q: अगर मेरे पास स्मार्टफोन नहीं है या मैं तकनीक नहीं समझता, तो मैं डिजिटल जीवन प्रमाण कैसे दूं?
Q: डिजिटल जीवन प्रमाण जमा करने के बाद मुझे पुष्टि कैसे मिलेगी?
Q: कई बार फेस स्कैन विफल हो जाता है। ऐसा क्यों होता है और मैं क्या करूं?
दोस्तों, जैसा कि हमने देखा, डिजिटल जीवन प्रमाण EPFO की एक बहुत बड़ी और सराहनीय पहल है जिसने लाखों पेंशनर्स के जीवन को वाकई आसान बना दिया है। इसने न सिर्फ समय और श्रम बचाया है, बल्कि बुजुर्गों को गरिमा और आत्मनिर्भरता का अहसास भी करवाया है। अब पेंशन जारी रखने का तरीका पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक और तेज़ हो गया है।
तो अब आपका अगला कदम क्या होना चाहिए? अगर आपने अभी तक अपना प्रमाण नहीं दिया है, तो आज ही या इस हफ्ते तैयारी शुरू कर दें। परिवार के किसी सदस्य से मदद लेने से न हिचकिचाएं। यह प्रक्रिया भविष्य में और भी सरल और एकीकृत होती जाएगी। यह डिजिटल बदलाव हमारे देश के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और आरामदायक भविष्य सुनिश्चित कर रहा है। आपकी पेंशन आपका हक है, और अब इसे सुरक्षित रखना पहले से कहीं आसान है।

Editor-in-Chief • India Policy • LIC & Govt Schemes
Vikash Yadav is the Founder and Editor-in-Chief of Policy Pulse. With over five years of experience in
the Indian financial landscape, he specializes in simplifying LIC policies, government schemes, and
India’s rapidly evolving tax and regulatory updates. Vikash’s goal is to make complex financial
decisions easier for every Indian household through clear, practical insights.







