एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025: रिटर्न, फायदे और पूरी जानकारी

Updated on: August 15, 2025 2:31 PM
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Illustration of एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025

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हाय दोस्तों! क्या आप भविष्य के लिए एक स्मार्ट इन्वेस्टमेंट प्लान ढूंढ रहे हैं? आज हम बात करेंगे एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025 की – जो मार्केट-लिंक्ड रिटर्न और इंश्योरेंस का फायदा एक साथ देती है। इस आर्टिकल में आपको पता चलेगा कि यह योजना कैसे काम करती है, इसके रिटर्न क्या हैं, कौन इन्वेस्ट कर सकता है और कैसे कैलकुलेट कर सकते हैं। चलिए शुरू करते हैं!

एलआईसी मार्केट प्लस योजना की मूल बातें: LIC Market Plus scheme details

एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025 यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) का अपडेटेड वर्जन है जो इक्विटी और डेट मार्केट में इन्वेस्ट करता है। LIC के 2024-25 के एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, इस प्लान में निवेश का 60-80% हिस्सा इक्विटी फंड्स में जाता है। पॉलिसी टर्म 10 से 25 साल के बीच चुन सकते हैं, जिसमें मिनिमम प्रीमियम ₹1,500 प्रति माह या ₹18,000 वार्षिक है।

फंड अलोकेशन स्ट्रैटेजी

इस प्लान में तीन फंड ऑप्शन उपलब्ध हैं: ग्रोथ फंड (इक्विटी 80%), बैलेंस्ड फंड (इक्विटी 60%) और सिक्योर फंड (इक्विटी 40%)। आप अपने रिस्क एप्टीट्यूड के हिसाब से फंड चुन सकते हैं। एलआईसी हर साल फंड मैनेजमेंट चार्ज 1.35% तक वसूलता है, जो NAV में से कटता है।

गारंटीड और नॉन-गारंटीड कॉम्पोनेंट्स

एलआईसी मार्केट प्लस योजना में गारंटीड डेथ बेनिफिट होता है, लेकिन मैच्योरिटी वैल्यू मार्केट परफॉर्मेंस पर निर्भर करती है। पॉलिसी के फर्स्ट 5 सालों में सरेंडर वैल्यू नहीं मिलता। LIRDA के 2025 डेटा के अनुसार, भारत में ULIP प्लान्स का औसत रिटर्न पिछले 10 साल में 10-12% रहा है।

पॉलिसी टर्म और प्रीमियम पेमेंट

पॉलिसी टर्म खत्म होने पर आपको फंड वैल्यू या सम एश्योर्ड में जो अधिक हो, वह मिलता है। प्रीमियम पेमेंट के लिए आप मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक मोड चुन सकते हैं। ई-प्रीमियम पर 2% तक का डिस्काउंट भी मिलता है।

पात्रता मानदंड: LIC Market Plus eligibility

एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025 में निवेश के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष है। पॉलिसी टर्म खत्म होने तक आयु अधिकतम 80 वर्ष होनी चाहिए। भारतीय नागरिकों और NRI दोनों के लिए यह योजना उपलब्ध है। NRI को भुगतान के लिए FEMA नियमों का पालन करना होगा।

न्यूनतम और अधिकतम निवेश सीमा

इस प्लान में न्यूनतम वार्षिक प्रीमियम ₹18,000 है जबकि अधिकतम सीमा आपकी आय और टैक्स स्लैब पर निर्भर करती है। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स के लिए ₹2.5 लाख तक का निवेश सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट के लिए किया जा सकता है।

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मेडिकल जांच की आवश्यकता

यदि आप 45 वर्ष से अधिक उम्र के हैं या 50 लाख से ज्यादा का सम एश्योर्ड चुनते हैं, तो मेडिकल टेस्ट अनिवार्य है। गंभीर बीमारियों के मामले में एक्स्ट्रा प्रीमियम लग सकता है। LIC के नए नियमों के अनुसार, 2025 से टर्म प्लान खरीदने वालों को सरल स्वास्थ्य घोषणा पत्र भरना होगा।

पॉलिसी खरीदने के लिए जरूरी दस्तावेज

आधार कार्ड, पैन कार्ड, आयु प्रमाण, आय प्रमाण और मेडिकल रिपोर्ट्स (यदि लागू हो) जमा करने होते हैं। एलआईसी अब डिजिटल केवाईसी की सुविधा भी देता है, जिससे पॉलिसी 48 घंटे में शुरू हो जाती है।

प्रीमियम भुगतान विकल्प: LIC Market Plus premium payment

एलआईसी मार्केट प्लस योजना में प्रीमियम भुगतान के लिए कई लचीले विकल्प उपलब्ध हैं। आप मासिक (ECS), त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक मोड चुन सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान पर 1.5-2% का डिस्काउंट मिलता है। प्रीमियम डिफॉल्ट से बचने के लिए LIC ऑटो डेबिट सुविधा भी देता है।

ग्रेस पीरियड और लेट पेमेंट चार्ज

प्रीमियम भुगतान के लिए 30 दिनों का ग्रेस पीरियड होता है। यदि इस अवधि में भुगतान नहीं होता है, तो 9% वार्षिक ब्याज दर पर लेट फीस लगती है। लगातार दो प्रीमियम न भरने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है। IRDAI के 2025 डेटा के अनुसार, भारत में ULIP लैप्स रेट 15% है।

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प्रीमियम छूट के अवसर

इस योजना में हाई सम एश्योर्ड लेने पर प्रीमियम पर छूट मिलती है। उदाहरण के लिए, ₹50 लाख से ऊपर की पॉलिसी पर 2% और ₹1 करोड़ से ऊपर 3% की छूट। महिला पॉलिसीधारकों को अतिरिक्त 1.5% छूट का लाभ मिलता है। ऑनलाइन खरीदारी पर भी एक्स्ट्रा डिस्काउंट उपलब्ध है।

पॉलिसी रिवाइवल प्रक्रिया

लैप्स हो चुकी पॉलिसी को 2 साल के भीतर रिवाइव करा सकते हैं। इसके लिए बकाया प्रीमियम + ब्याज + रिवाइवल चार्ज देना होता है। रिवाइवल के बाद नया लॉक-इन पीरियड शुरू नहीं होता। LIC शाखाओं या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए रिवाइवल प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

अपेक्षित रिटर्न: LIC Market Plus returns

एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025 में रिटर्न मुख्य रूप से मार्केट परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। पिछले 5 वर्षों में LIC के इक्विटी फंड्स ने 11-14% का औसत वार्षिक रिटर्न दिया है। हालांकि, यह रिटर्न गारंटीड नहीं है और मार्केट उतार-चढ़ाव के साथ बदल सकता है। पॉलिसी टर्म के अंत में मिलने वाली मैच्योरिटी राशि टैक्स-फ्री होती है।

गारंटीड बेनिफिट्स का विवरण

इस प्लान में डेथ बेनिफिट पूरी तरह गारंटीड है। सम एश्योर्ड या फंड वैल्यू में जो अधिक हो, वह नॉमिनी को मिलता है। एक्सीडेंटल डेथ की स्थिति में अतिरिक्त राशि भी दी जाती है। LIC की 2025 ब्रोशर के अनुसार, क्रिटिकल इलनेस कवर राइडर के साथ पॉलिसी लेने पर 20 प्रमुख बीमारियों का कवर मिलता है।

बोनस कैलकुलेशन सिस्टम

LIC Market Plus में टर्मिनल बोनस और लॉयल्टी एडिशन का प्रावधान है। पॉलिसी अवधि पूरी होने पर फंड वैल्यू के साथ यह बोनस भी मिलता है। बोनस की राशि कंपनी के सालाना प्रॉफिट और पॉलिसी टर्म पर निर्भर करती है। 15 साल की पॉलिसी पर लगभग ₹50-60 प्रति हजार सम एश्योर्ड के हिसाब से बोनस मिल सकता है।

टैक्स लाभों का विश्लेषण

इस योजना में प्रीमियम भुगतान पर सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक टैक्स छूट मिलती है। मैच्योरिटी या डेथ क्लेम पर प्राप्त राशि सेक्शन 10(10D) के अंतर्गत पूरी तरह टैक्स-फ्री है। हालांकि, यदि वार्षिक प्रीमियम पॉलिसी टर्म के दौरान किसी साल ₹5 लाख से अधिक हो तो मैच्योरिटी पर टैक्स लग सकता है।

पॉलिसीधारकों के लिए फायदे: LIC Market Plus benefits

एलआईसी मार्केट प्लस योजना सिर्फ इन्वेस्टमेंट ही नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा भी प्रदान करती है। अकस्मात मृत्यु होने पर नॉमिनी को सम एश्योर्ड का 110% या फंड वैल्यू में जो अधिक हो, वह मिलता है। पॉलिसी के तीसरे वर्ष के बाद सरेंडर वैल्यू भी मिलने लगता है, जो इमरजेंसी फंड के रूप में काम आ सकता है।

लोन सुविधा की शर्तें

पॉलिसी के तीन साल पूरे होने के बाद आप सरेंडर वैल्यू के 90% तक लोन ले सकते हैं। वर्तमान में LIC पॉलिसी लोन पर 9.5% वार्षिक ब्याज दर लागू है। लोन अवधि 6 महीने से लेकर पॉलिसी टर्म तक हो सकती है। लोन चुकाने में विफल रहने पर बकाया राशि क्लेम राशि में से कट जाती है।

टॉप-अप इन्वेस्टमेंट का विकल्प

आप अपनी पॉलिसी में अतिरिक्त निवेश करके फंड वैल्यू बढ़ा सकते हैं। टॉप-अप राशि न्यूनतम ₹5,000 और अधिकतम वार्षिक प्रीमियम के 25% तक हो सकती है। यह राशि सेक्शन 80C के दायरे में नहीं आती, लेकिन मैच्योरिटी पर टैक्स-फ्री रिटर्न देती है।

क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया

मैच्योरिटी क्लेम के लिए पॉलिसी टर्म खत्म होने के 30 दिन पहले आवेदन करना होता है। डेथ क्लेम की स्थिति में नॉमिनी को 15 दिनों के भीतर फॉर्म भरना होता है। LIRDA के 2025 सर्वे के अनुसार, एलआईसी की क्लेम सेटलमेंट रेट 98.3% है और औसत सेटलमेंट टाइम 20 दिन है।

रिटर्न कैलकुलेशन: LIC Market Plus calculator

एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025 के रिटर्न का अनुमान लगाने के लिए आप LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। कैलकुलेटर में आयु, वार्षिक प्रीमियम, पॉलिसी टर्म और फंड ऑप्शन जैसे पैरामीटर भरने होते हैं। यह टूल 12% की अपेक्षित वार्षिक वृद्धि दर के आधार पर प्रोजेक्टेड वैल्यू दिखाता है।

कैलकुलेशन के लिए जरूरी इनपुट्स

सटीक रिटर्न जानने के लिए आपको अपनी वर्तमान आयु, वार्षिक प्रीमियम राशि, पॉलिसी अवधि और फंड टाइप (ग्रोथ/बैलेंस्ड/सिक्योर) चुनना होगा। कैलकुलेटर अलग-अलग ग्रोथ रेट्स (8%, 10%, 12%) पर परिणाम दिखाता है। ध्यान रखें कि यह रिटर्न अनुमानित है और वास्तविक रिटर्न मार्केट पर निर्भर करेगा।

विभिन्न परिदृश्यों में तुलना

कैलकुलेटर की मदद से आप विभिन्न फंड ऑप्शन्स के रिटर्न की तुलना कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, 12% ग्रोथ रेट पर 30 साल के व्यक्ति की ₹50,000 वार्षिक प्रीमियम वाली 20 साल की पॉलिसी का अनुमानित मैच्योरिटी वैल्यू ₹28-32 लाख हो सकता है। वहीं, सिक्योर फंड में यह रिटर्न कम होगा।

कैलकुलेटर के बाहर विचारणीय बातें

कैलकुलेटर फंड मैनेजमेंट चार्ज, मॉर्टेलिटी चार्ज और अन्य शुल्कों का असर नहीं दिखाता। वास्तविक रिटर्न NAV में इन कटौतियों के बाद ही मिलता है। टैक्स इफेक्ट और इन्फ्लेशन का असर भी अंतिम रिटर्न पर पड़ता है। विस्तृत विश्लेषण के लिए LIC एजेंट या फाइनेंशियल प्लानर से सलाह लें।

FAQs: LIC Market Plus premium payment Qs

A: हाँ, आप प्रीमियम भुगतान की फ्रीक्वेंसी (मासिक से वार्षिक या इसके विपरीत) बदल सकते हैं। इसके लिए LIC शाखा में आवेदन करना होगा। नया मोड अगले प्रीमियम ड्यू डेट से लागू होगा। ऑनलाइन पोर्टल पर भी यह सुविधा उपलब्ध है।

A: पहले 3 सालों में सरेंडर वैल्यू नहीं मिलता। तीसरे वर्ष के बाद आपको फंड वैल्यू का कुछ प्रतिशत मिलता है जो हर साल बढ़ता जाता है। पाँचवें साल के बाद सरेंडर वैल्यू फंड वैल्यू के बराबर हो जाता है, लेकिन सरेंडर चार्ज कट सकता है।

A: हाँ, प्रति वर्ष चार बार मुफ्त में फंड स्विच कर सकते हैं। हर अतिरिक्त स्विच पर ₹100 चार्ज लगता है। ग्रोथ से सिक्योर फंड या इसके विपरीत स्विच करने में 3-5 कार्यदिवस लगते हैं। स्विचिंग के लिए LIC ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप का उपयोग करें।

A: हाँ, पॉलिसी जीवनकाल में किसी भी समय नॉमिनी बदल सकते हैं। इसके लिए नॉमिनी चेंज फॉर्म भरकर शाखा में जमा करना होगा। दो गवाहों के हस्ताक्षर और नए नॉमिनी के आईडी प्रूफ जरूरी हैं। ऑनलाइन नॉमिनी बदलाव की सुविधा भी उपलब्ध है।

A: हाँ, NRI भी एलआईसी मार्केट प्लस योजना खरीद सकते हैं। प्रीमियम भुगतान NRE/FCNR अकाउंट से करना होगा। क्लेम राशि भारतीय बैंक खाते में ही मिलेगी। कुछ देशों के निवासियों के लिए अतिरिक्त KYC जरूरतें हो सकती हैं।

एलआईसी मार्केट प्लस योजना 2025 मध्यम जोखिम वाले निवेशकों के लिए एक संतुलित विकल्प है। यह इक्विटी से अच्छा रिटर्न और जोखिम से सुरक्षा का कॉम्बिनेशन देती है। अगर आप 10+ साल के लिए निवेश कर सकते हैं और मार्केट उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं, तो यह योजना आपके पोर्टफोलियो में शामिल करने लायक है। क्या आपको यह जानकारी उपयोगी लगी? नीचे कमेंट में बताएं और इसे शेयर जरूर करें!

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VIKASH YADAV

Editor-in-Chief • India Policy • LIC & Govt Schemes Vikash Yadav is the Founder and Editor-in-Chief of Policy Pulse. With over five years of experience in the Indian financial landscape, he specializes in simplifying LIC policies, government schemes, and India’s rapidly evolving tax and regulatory updates. Vikash’s goal is to make complex financial decisions easier for every Indian household through clear, practical insights.

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