
हाय दोस्तों! आज हम बात करने वाले हैं प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) की, जिसमें सरकार ने 2029 तक शहरी क्षेत्रों में 1 करोड़ नए घरों को मंजूरी दी है। यह योजना शहरी गरीबों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के लिए सपनों का घर पाने का एक नया अवसर है। आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप इस नई योजना का लाभ उठा सकते हैं, 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है, सब्सिडी में क्या बदलाव आए हैं और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि सही समय पर सही कदम उठाकर आप अपने घर का सपना पूरा कर सकते हैं। चलिए शुरू करते हैं!
PMAY-Urban 2.0: 1 करोड़ घर योजना की नई रूपरेखा
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में शहरी क्षेत्रों में 1 करोड़ घरों का निर्माण करना है। 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें से 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता अगले 5 वर्षों में प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों को किफायती आवास सुनिश्चित करना है।
इस सरकारी आवास योजना के तहत ब्याज सब्सिडी स्कीम (ISS) को फिर से शुरू किया गया है। अब 35 लाख रुपये तक की कीमत वाले घर के लिए 25 लाख रुपये तक के होम लोन पर 4% की ब्याज सब्सिडी मिलेगी। यह सब्सिडी 12 साल के लिए दी जाएगी, जो अधिकतम 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है। सब्सिडी का भुगतान 5 वार्षिक किस्तों में किया जाएगा। यह पहले की CLSS स्कीम से थोड़ा अलग है, इसलिए इसे ध्यान से समझना जरूरी है।
वित्तीय सहायता के अन्य घटकों में भी बदलाव किया गया है। ईडब्ल्यूएस/एलआईजी/एमआईजी श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रावधानों के बजाय, अब ‘किफायती आवास साझेदारी’ (AHP) और ‘लाभार्थी आधारित निर्माण’ (BLC) जैसे वर्टिकल्स के माध्यम से सहायता दी जा रही है। इस चरण की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि सब्सिडी अब सीधे लोन खाते में क्रेडिट होने के बजाय किस्तों में दी जा सकती है, जिससे लंबे समय तक राहत मिले।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के PMAY शहरी लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पात्रता मानदंडों को व्यापक बनाया गया है। अब ईडब्ल्यूएस (वार्षिक आय 3 लाख तक), एलआईजी (3-6 लाख) और एमआईजी (6-9 लाख) परिवार इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी के पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
इस योजना में चार प्रमुख घटक हैं:
लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC): जिनके पास अपनी जमीन है और वे घर बनाना चाहते हैं।
साझेदारी में किफायती आवास (AHP): निजी या सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी से बनने वाले फ्लैट्स।
किफायती किराया आवास (ARH): शहरी प्रवासियों और मजदूरों के लिए किराये के घर।
ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): होम लोन पर ब्याज छूट।

महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान जारी हैं। घर का स्वामित्व महिला सदस्य के नाम पर या संयुक्त रूप से होना अनिवार्य है। यह नियम महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, दिव्यांगजन, विधवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य कमजोर वर्गों को एएचपी परियोजनाओं में ग्राउंड फ्लोर आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।
नई योजना में घरों का क्षेत्रफल भी महत्वपूर्ण है। 30 वर्ग मीटर से लेकर बड़े कारपेट एरिया वाले घरों तक के लिए सहायता उपलब्ध है, बशर्ते घर की कीमत निर्धारित सीमा के भीतर हो। सरकार ने निर्माण में ग्रीन तकनीकों के उपयोग को अनिवार्य बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
आवास योजना आवेदन प्रक्रिया: 2026 के लिए गाइड
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लिए आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। एक नया एकीकृत वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जहां आप सीधे आवेदन कर सकते हैं। आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) अनिवार्य कर दिया गया है ताकि डुप्लीकेशन से बचा जा सके और सही लाभार्थियों तक लाभ पहुंचे।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र (Income Certificate), बैंक खाता विवरण और मोबाइल नंबर शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात: अब आवेदकों को डिजिटल रूप से अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। ऑफलाइन आवेदन के लिए आप नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या नगर निगम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन जमा करने के बाद, आप पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। नई प्रक्रिया में जिओ-टैगिंग (Geo-tagging) का उपयोग किया जाता है। अधिकारी आपके प्लॉट या घर की फोटो और लोकेशन ऐप के माध्यम से अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर ही अगली किस्त जारी की जाएगी। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
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सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे भूमि संबंधी सुधारों को लागू करें ताकि किफायती आवास परियोजनाओं के लिए जमीन आसानी से उपलब्ध हो सके। खाली पड़ी सरकारी जमीनों का उपयोग भी इस योजना के तहत करने की योजना है।

निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘थर्ड पार्टी क्वालिटी मॉनिटरिंग’ (TPQM) को मजबूत किया गया है। अब निर्माण सामग्री की जांच और निर्माण के विभिन्न चरणों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। इससे लाभार्थियों को सुरक्षित और टिकाऊ घर मिलना सुनिश्चित होगा।
आवास सब्सिडी: कितना और कैसे मिलेगा लाभ?
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत सब्सिडी का ढांचा थोड़ा बदला है। ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) के तहत 4% की छूट अधिकतम 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है। यह राशि 5 वर्षों की किस्तों में दी जाएगी। लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) के तहत केंद्रीय सहायता 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है, जिसमें राज्य और स्थानीय निकायों का अंशदान अलग से जुड़ता है।
सब्सिडी सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है (DBT)। यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और सक्रिय हो। निर्माण की प्रगति के आधार पर किस्तों में पैसा जारी किया जाता है।
शहरी विकास योजना: PMAY-U 2.0 का प्रभाव
यह योजना न केवल आवास प्रदान करती है बल्कि रोजगार भी पैदा करती है। निर्माण क्षेत्र में गतिविधियों से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री उद्योगों को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।
FAQs: आवास सब्सिडी Qs
दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 एक नई उम्मीद लेकर आई है। अगर आप किराए के मकान में रह रहे हैं और अपना घर बनाना चाहते हैं, तो 2026 आपके लिए सही समय है। नियमों को समझें, दस्तावेज तैयार करें और आवेदन करें। घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है।
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