
हाय दोस्तों! क्या आप भी उन माता-पिता में से हैं जो रातों को सोचते हैं कि बच्चे की उच्च शिक्षा और शादी का भारी खर्च कहां से पूरा होगा? घबराइए मत, आप अकेले नहीं हैं। यह चिंता हर मिडिल-क्लास परिवार की है। लेकिन अच्छी बात यह है कि सरकार ने इसका एक बेहद सरल और कम लागत वाला समाधान निकाला है – NPS वात्सल्य योजना। यह सिर्फ एक खाता नहीं, बल्कि आपके बच्चे के सुनहरे भविष्य की नींव है।
आज के इस विस्तृत गाइड में, हम समझेंगे कि NPS वात्सल्य योजना क्या है, कैसे सिर्फ ₹1000 सालाना से शुरुआत करके आप अपने बच्चे को करोड़पति बना सकते हैं, और कैसे इसके जरिए खुद 1.5 लाख रुपये तक टैक्स बचा सकते हैं। साथ ही, PPF और म्यूचुअल फंड्स से तुलना, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और सारे जरूरी नियमों पर भी चर्चा करेंगे। तो चलिए, अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने की इस स्मार्ट यात्रा पर एक साथ चलते हैं। जुलाई 2025 के एक लेख में भी बताया गया था कि ‘एनपीएस वात्सल्य’ के साथ मात्र 1000 रुपये सालाना से शुरुआत करके भी बच्चे करोड़पति बन सकते हैं।
NPS वात्सल्य योजना क्या है? बच्चों के लिए NPS का सरल विवरण
NPS वात्सल्य योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का ही एक विशेष प्रकार है, जिसे खासतौर पर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें माता-पिता या कोई भी कानूनी अभिभावक अपने बच्चों के नाम पर NPS खाता खोल सकते हैं और उनके भविष्य के लिए निवेश कर सकते हैं।
अक्सर ‘पेंशन’ शब्द सुनकर लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ रिटायरमेंट के लिए है, लेकिन NPS स्कीम फॉर चाइल्ड के मामले में ऐसा नहीं है। यहां ‘पेंशन’ का मतलब है एक लंबी अवधि का अनुशासित निवेश, जो आपके बच्चे की शिक्षा, शादी या कोई बड़ा फैसला लेते समय मददगार साबित होगा। इसकी मुख्य विशेषताएं हैं दीर्घकालिक विकास, टैक्स लाभ और योगदान देने में लचीलापन। सितंबर 2024 के एक तुलनात्मक विश्लेषण के मुताबिक, NPS वात्सल्य जैसी दीर्घावधि योजनाएं PPF जैसे विकल्पों की तुलना में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ही शुरू की जा सकती है, जिससे कंपाउंडिंग का जादू पूरी तरह से काम करने लगता है। आप चाहें तो एकमुश्त राशि जमा कर सकते हैं या फिर हर महीने SIP की तरह एक छोटी रकम भी डाल सकते हैं।
NPS वात्सल्य योजना के 5 बड़े फायदे: सिर्फ पैसा नहीं, स्मार्ट प्लानिंग
NPS वात्सल्य बेनिफिट्स को समझना जरूरी है ताकि आप सही फैसला ले सकें। यह सिर्फ पैसा जमा करने की जगह नहीं, बल्कि एक समझदार वित्तीय योजना है। आइए इसके पांच बड़े फायदों पर नजर डालते हैं।
पहला और सबसे बड़ा फायदा है कम से कम शुरुआत। आपको लाखों रुपये जमा करने की जरूरत नहीं है। इस खाते को शुरू करने और बनाए रखने के लिए न्यूनतम वार्षिक योगदान सिर्फ ₹1000 है। यानी महीने के महज ₹84 बचाकर भी आप इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं। यह उन सभी परिवारों के लिए वरदान है जो बड़ी रकम एक साथ निवेश नहीं कर सकते।
दूसरा फायदा है पावर ऑफ कंपाउंडिंग। यह वह जादू है जो आपके छोटे-छोटे निवेश को लंबी अवधि में भारी राशि में बदल देता है। मान लीजिए, आप हर महीने सिर्फ ₹1000 का योगदान करते हैं और औसतन 10% का सालाना रिटर्न मिलता है। 18 साल बाद यह रकम लगभग 6 लाख रुपये हो जाएगी। है न कमाल?
तीसरा बड़ा लाभ है टैक्स बचत का डबल इंजन। बच्चे के खाते में किया गया योगदान माता-पिता के अपने टैक्स बचत के लिए काम आ सकता है। आप इस पर सेक्शन 80C और 80CCD(1B) के तहत दोहरा लाभ उठा सकते हैं। इस बारे में हम अगले सेक्शन में विस्तार से बात करेंगे। बजट 2025 में भी दीर्घकालिक बचत को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर जोर दिया गया था, जो ऐसे निवेश को और आकर्षक बनाती हैं।
चौथा फायदा है फंड्स तक पहुंच। कई लोग सोचते हैं कि NPS में पैसा लॉक रहता है, लेकिन बच्चों की शिक्षा के लिए निवेश के मामले में यह पूरी तरह सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर, जैसे बच्चे की उच्च शिक्षा या शादी के लिए, आप कोर कॉर्पस का एक हिस्सा (तकरीबन 25%) निकाल सकते हैं। इससे आपको वक्त पर फंड्स की कमी नहीं होगी।
पांचवा और अंतिम लाभ है सुरक्षा और रेगुलेशन। यह योजना PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा विनियमित है, जो एक सरकारी निकाय है। इसका मतलब है कि आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और इस पर कड़ी नजर रखी जाती है। निवेश की दुनिया में, सुरक्षा कई बार रिटर्न से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है, खासकर जब बात आपके बच्चे के भविष्य की हो।
NPS वात्सल्य: मासिक योगदान का 18 साल का प्रोजेक्शन
नोट: यह केवल अनुमान है। बाजार के जोखिम लागू हैं।
कैसे बचाएं 1.5 लाख रुपये तक टैक्स? NPS वात्सल्य के टैक्स नियम
यहां एक महत्वपूर्ण बात साफ कर देना जरूरी है। वात्सल्य योजना टैक्स बचत सीधे बच्चे के खाते से नहीं, बल्कि माता-पिता के व्यक्तिगत आयकर रिटर्न से जुड़ी है। दरअसल, बच्चे के NPS वात्सल्य खाते में आपके द्वारा किया गया योगदान आपकी अपनी टैक्स बचत के लिए काम आता है। आप इस पर दो तरह से लाभ ले सकते हैं।
पहला, सेक्शन 80C के तहत। आपके द्वारा बच्चे के खाते में डाली गई रकम को आप अपने अन्य 80C निवेशों (जैसे PPF, ELSS, बीमा प्रीमियम) के साथ मिलाकर कुल ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। दूसरा, सेक्शन 80CCD(1B) के तहत। यह NPS के लिए विशेष अतिरिक्त कटौती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹50,000 है। इस तरह, NPS वात्सल्य एक शानदार टैक्स-सेविंग इन्वेस्टमेंट का दोहरा फायदा देता है। अगस्त 2025 के एक विश्लेषण के अनुसार, NPS की यह टैक्स-कुशल प्रकृति इसे सेवानिवृत्ति और दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है।
कुल संभावित टैक्स बचत की गणना सरल है: (₹1,50,000 + ₹50,000) * आपकी टैक्स स्लैब दर। मान लीजिए आप 30% टैक्स स्लैब में हैं और आपने पूरे ₹2,00,000 का दावा किया है। तो आपकी टैक्स बचत होगी ₹2,00,000 * 30% = ₹60,000 सालाना! यह एक बहुत बड़ी रकम है जो आपके बच्चे के भविष्य में ही निवेश हो जाती है।
| टैक्स स्लैब | 80C पर बचत (₹1.5L) | 80CCD(1B) पर बचत (₹50k) | कुल वार्षिक टैक्स बचत* |
|---|---|---|---|
| 20% (₹5-10 लाख आय) | ₹30,000 | ₹10,000 | ₹40,000 |
| 30% (₹10 लाख+ आय) | ₹45,000 | ₹15,000 | ₹60,000 |
*कुल बचत = (₹1,50,000 + ₹50,000) x टैक्स दर। यह गणना इस मान्यता पर है कि आप पूरी ₹2 लाख की सीमा का उपयोग कर रहे हैं।
ध्यान रहे, यह टैक्स बचत सिर्फ तभी मिलती है जब खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा खोला गया हो और योगदान उनके द्वारा किया गया हो। अगर दादा-दादी पैसा डालते हैं, तो टैक्स लाभ उन्हें मिलेगा, बशर्ते वे कानूनी अभिभावक हों।
पात्रता और आवेदन: 5 मिनट में ऑनलाइन कैसे खोलें बच्चे का NPS वात्सल्य खाता?
अब सबसे अहम सवाल: NPS खाता कैसे खोलें? प्रक्रिया इतनी आसान है कि आप घर बैठे-बैठे ऑनलाइन इसे पूरा कर सकते हैं। आइए इसे चरणों में समझते हैं।
सबसे पहले, पात्रता जान लें। खाता सिर्फ उस बच्चे के लिए खोला जा सकता है जो 18 वर्ष से कम आयु का और भारतीय नागरिक हो। खाता खोलने वाला व्यक्ति माता-पिता या कोई कानूनी अभिभावक (गार्जियन) होना चाहिए। अगर बच्चे के माता-पिता नहीं हैं, तो कोर्ट द्वारा नियुक्त गार्जियन भी यह खाता खोल सकता है।
दूसरा चरण है दस्तावेजों का इकट्ठा करना। आपको चाहिए: बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड, अभिभावक (खाता खोलने वाले) का आधार कार्ड और PAN कार्ड, अभिभावक की पासपोर्ट साइज फोटो, और अभिभावक का पता प्रमाण (बिजली बिल, पासपोर्ट आदि)। दस्तावेजों की स्कैन कॉपी या साफ फोटो तैयार रखें।
तीसरा और सबसे आसान चरण है ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया। सबसे सुविधाजनक तरीका है eNPS (enps.nsdl.com) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना। वहां ‘National Pension System’ सेक्शन में जाकर ‘Registration’ चुनें। फिर ‘Registration for Subscriber (पॉइंट ऑफ प्रेजेंस – POP)’ के तहत ‘Individual’ और ‘New Registration’ का विकल्प चुनें। फॉर्म में बच्चे और अभिभावक की सारी डिटेल भरें, दस्तावेज अपलोड करें, और नॉमिनी का नाम दर्ज करें। पूरी प्रक्रिया में 5-10 मिनट से ज्यादा नहीं लगते। आप चाहें तो किसी बैंक (POP – Point of Presence) के माध्यम से भी ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं, लेकिन ऑनलाइन तरीका तेज और पारदर्शी है।
चौथा चरण है योगदान मोड चुनना। खाता खुलने के बाद, आप तय कर सकते हैं कि आप एकमुश्त योगदान देना चाहते हैं या फिर SIP की तरह नियमित रूप से (मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक)। आपके बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की सुविधा भी ले सकते हैं ताकि निवेश नियमित रहे। बच्चों के नाम पर NPS खाता खोलना तकनीकी रूप से डराने वाला काम नहीं है, बस एक बार शुरुआत कर दें, बाकी प्रक्रिया बहुत सीधी है।
पांचवां और अंतिम चरण है खाते की सक्रियता और प्रबंधन। आवेदन जमा करने और KYC पूरी होने के बाद, आपको एक स्थायी रिटायरमेंट खाता संख्या (PRAN) मिलेगी। इस नंबर से आप लॉग इन करके अपना योगदान ट्रैक कर सकते हैं, फंड मैनेजर बदल सकते हैं या निवेश पोर्टफोलियो देख सकते हैं। नियमित अपडेट ईमेल या एसएमएस के जरिए भी मिलते रहेंगे।
NPS वात्सल्य रिटर्न रेट और पैसे निकालने के नियम – क्या है पूरी कहानी?
NPS रिटर्न रेट बाजार से जुड़ा हुआ है, इसलिए यह फिक्स्ड नहीं है। हालांकि, ऐतिहासिक रूप से NPS ने लंबी अवधि में 10% से 12% का औसत वार्षिक रिटर्न दिया है। यह रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अपने पैसे किस एसेट क्लास (इक्विटी, कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी बॉन्ड) में निवेश किए हैं। आमतौर पर, युवा लक्ष्यों के लिए इक्विटी में ज्यादा हिस्सेदारी रखने की सलाह दी जाती है। यह याद रखना जरूरी है कि यह रिटर्न गारंटीड नहीं है, लेकिन दीर्घावधि में बेहतर रिटर्न की संभावना ज्यादा रहती है। जुलाई 2025 के लेख में भी दीर्घावधि में इस तरह के निवेश से भारी रिटर्न की संभावना पर प्रकाश डाला गया था।
दूसरा पहलू है पैसे निकालने के नियम। यहां एक आम भ्रम यह है कि बच्चे के 18 साल का होते ही पूरा पैसा मिल जाएगा। असल में, जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो NPS वात्सल्य बेनिफिट्स वाला यह खाता अपने आप बच्चे के एक सामान्य NPS खाते में बदल जाता है। बच्चा अब वयस्क है, इसलिए खाते का नियंत्रण और जिम्मेदारी उसकी हो जाती है।
हालांकि, जरूरत पड़ने पर पैसे निकालने के विकल्प मौजूद हैं। खाताधारक (अब वयस्क बच्चा) उच्च शिक्षा या शादी जैसे विशिष्ट उद्देश्यों के लिए कोर कॉर्पस का 25% तक (जीवन में अधिकतम तीन बार) निकाल सकता है, बशर्ते खाता कम से कम तीन साल पुराना हो। यह एक बहुत बड़ी राहत है।
अंततः, खाते की परिपक्वता (Maturity) बच्चे की उम्र 60 साल होने पर आती है। उस समय, जमा राशि का 60% हिस्सा एकमुश्त (लम्पसम) निकाला जा सकता है और शेष 40% हिस्से से एक नियमित पेंशन (एन्युइटी) खरीदनी अनिवार्य है। इस तरह, NPS वात्सल्य सिर्फ बचपन तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन भर की वित्तीय सुरक्षा की शुरुआत है।
NPS वात्सल्य बनाम PPF बनाम बाल म्यूचुअल फंड: कहां निवेश करें बेहतर?
आपके मन में सवाल होगा कि बच्चे के भविष्य के लिए NPS स्कीम फॉर चाइल्ड बेहतर है या PPF या फिर बाल म्यूचुअल फंड? हर विकल्प के अपने फायदे और सीमाएं हैं। सितंबर 2024 के तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार, NPS वात्सल्य जैसी योजनाएं दीर्घावधि में PPF से बेहतर रिटर्न दे सकती हैं। आइए एक तालिका के माध्यम से तीनों की तुलना करते हैं।
| विशेषता | NPS वात्सल्य | PPF | बाल म्यूचुअल फंड |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम निवेश | ₹1000/वर्ष | ₹500/वर्ष | ₹500/माह (आमतौर पर) |
| टैक्स लाभ (80C) | हाँ | हाँ | नहीं (ELSS को छोड़कर) |
| अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट (80CCD(1B)) | हाँ (₹50,000 तक) | नहीं | नहीं |
| लॉक-इन अवधि | 60 वर्ष (आयु), आंशिक निकासी विकल्प | 15 वर्ष | बच्चे के 18 वर्ष का होने तक (किशोर योजना) |
| ऐतिहासिक रिटर्न | 10-12% (बाजार आधारित) | 7.1% (सरकार तय करती है) | बाजार पर निर्भर, भिन्न होता है |
| जोखिम स्तर | मध्यम (बाजार जोखिम) | नगण्य (सरकारी गारंटी) | मध्यम से उच्च |
| मुख्य उद्देश्य | दीर्घावधि धन सृजन + टैक्स बचत + पेंशन | सुरक्षित बचत + टैक्स बचत | लक्षित धन सृजन (शिक्षा/शादी) |
तो किसे क्या चुनना चाहिए? अगर आप अधिकतम टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट चाहते हैं और लंबी अवधि (18 साल से ज्यादा) तक निवेश रख सकते हैं, तो NPS वात्सल्य सबसे बेहतर विकल्प है। अगर आपको पूरी तरह रिस्क-फ्री, सरकारी गारंटी वाला ऑप्शन चाहिए, तो PPF ठीक है, लेकिन रिटर्न कम मिलेगा। और अगर आप ज्यादा लचीलापन और संभावित रूप से ऊंचे रिटर्न (ऊंचे जोखिम के साथ) चाहते हैं, और टैक्स बचत प्राथमिकता नहीं है, तो बाल म्यूचुअल फंड देख सकते हैं। आदर्श तो यही है कि इनमें से एक नहीं, बल्कि दो योजनाओं (जैसे NPS + PPF) में Diversify करके निवेश करें।
FAQs: ‘NPS खाता कैसे खोलें’
Q: क्या बच्चे के 18 साल का होने पर पूरा पैसा निकाल सकते हैं?
Q: क्या मैं बच्चे के जन्म के तुरंत बाद खाता खोल सकता हूं?
Q: अगर बच्चे की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा?
Q: NPS वात्सल्य में रिटर्न गारंटीड है या बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर?
Q: क्या दादा-दादी बच्चे के लिए NPS वात्सल्य खाता खोल सकते हैं?
निष्कर्ष: आज का छोटा कदम, कल का बड़ा सपना
दोस्तों, बच्चों का भविष्य निधि बनाने की यह यात्रा एक छोटे से कदम से शुरू होती है। NPS वात्सल्य योजना आपको वह मौका देती है कि आप आज से ही, बहुत कम पैसे से, अपने बच्चे के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार तैयार करना शुरू कर दें। हमने देखा कि कैसे सिर्फ ₹1000 सालाना की शुरुआत दीर्घावधि में लाखों रुपये बना सकती है। हमने समझा कि कैसे यह योजना टैक्स बचत का दोहरा इंजन भी चलाती है। और यह भी जाना कि PPF और म्यूचुअल फंड्स के मुकाबले इसके क्या फायदे हैं।
अब समय है कार्रवाई का। सबसे पहले यह तय करें कि आप कितना और कब से शुरू कर सकते हैं। फिर जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करें और eNPS की वेबसाइट पर जाकर पहला कदम उठाएं। अगर कोई संदेह या भ्रम हो, तो किसी वित्तीय सलाहकार से बात जरूर कर लें। याद रखिए, आज आप जो एक छोटा सा पौधा लगा रहे हैं, वह आगे चलकर आपके बच्चे के जीवन का एक विशाल, छायादार वृक्ष बन सकता है। उसके सुनहरे भविष्य की नींव आपके आज के इस स्मार्ट फैसले पर टिकी है। शुभकामनाएं!

Editor-in-Chief • India Policy • LIC & Govt Schemes
Vikash Yadav is the Founder and Editor-in-Chief of Policy Pulse. With over five years of experience in
the Indian financial landscape, he specializes in simplifying LIC policies, government schemes, and
India’s rapidly evolving tax and regulatory updates. Vikash’s goal is to make complex financial
decisions easier for every Indian household through clear, practical insights.







